देश में कार्यरत रियल एस्टेट सेक्टर की कई छोटी-बड़ी कंपनियां डूबने की कगार पर हैं। इसकी वजह से इन कंपनियों को लोन देने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) भी बंद हो सकती है। रियल एस्टेट सेक्टर पर इस वक्त कुल 1.29 खरब रुपये की देनदारी है, जिसे वो चुका नहीं पा रही हैं।
रिसर्च फर्म लियासेस फोरस के मुताबिक पूरे देश में डेवलपर्स द्वारा तैयार किए गए मकानों की बिक्री न के बराबर हो रही है। 11 हजार कंपनियों पर रिसर्च करने के बाद लियासस ने कहा कि कंपनियों के पास प्रोजेक्ट को पूरा करने और आगे के लिए लोन लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पैसा नहीं होने की वजह से कई कंपनियों के प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
रियल एस्टेट कंपनियों ने जिन एनबीएफसी कंपनियों से लोन ले रखा है उनको पिछले एक साल से समय पर किश्त का भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। हालांकि एनबीएफसी कंपनियां इस बारे में किसी तरह की कोई बात नहीं कर रही थीं।