शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

किराया बढ़ाने से तीन माह पहले किराएदार को नोटिस देगा मकान मालिक, जल्द लागू होगा नया

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 11 Jul 2019 08:21 PM IST

खास बातें

  • दो माह से ज्यादा का किराया एडवांस नहीं मांग सकेंगे मकान और दुकान मालिक
  • पुराने किराएदारी मामलों में लागू नहीं होगा कानून
केंद्र सरकार ने मॉडल किराएदारी कानून का प्रस्ताव पेश किया है। प्रस्ताव के अनुसार मकान मालिक को किराया बढ़ाने से तीन माह पहले लिखित में नोटिस देना होगा। वहीं मकान या परिसर खाली करने की नोटिस अवधि बीतने के बाद भी उसमें किराएदार के रुके रहने पर उसे दो बार दोगुना किराया देना होगा और इससे ज्यादा समय तक रहने पर चार गुना ज्यादा किराया देना होगा। देश में किराया कानून को नए सिरे से लागू करने के लिए सरकार ने इसे तैयार किया है।
विज्ञापन
प्रस्तावित कानून में जिला कलेक्टर को किराएदारी प्राधिकरण नियुक्त करने की बात कही गई है। मॉडल किराएदारी कानून में मकान अथवा दुकान किराए पर लगाने वाले मकान मालिक किराएदार से एडवांस के नाम पर दो महीने के किराए की रकम से ज्यादा की मांग नहीं कर पाएंगे। मकान मालिकों की चिंता दूर करने के लिए सरकार यह कानून ला रही है।

सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बनाया गया मंत्रियों का समूह इस पर तेजी से काम कर रहा है। मंत्रियों के इस समूह में कानून मंत्री और आवास मंत्री शामिल हैं। इस मॉडल किराएदारी अधिनियम के मसौदे को लेकर जून में दो बैठकें हुईं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त महीने में इस मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। जुलाई के अंत में फिर बैठक होगी। 

पुराने किराएदारी मामलों में लागू नहीं होगा कानून 

यह कानून पिछली तारीखों से लागू नहीं होगा। इसका मतलब यह है कि दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में ऐसे हजारों प्रॉपर्टी मालिकों को कोई राहत नहीं मिलेगी, जिन्हें पुराने एग्रीमेंट्स के मुताबिक बेहद कम किराया मिल रहा है। विवादित मामलों में चल रहे केस प्रभावित नहीं होंगे। 

मॉडल कानून में ये प्रस्ताव 

  • मकान मालिक को घर के मुआयने, रिपेयर से जुड़े काम या किसी दूसरे मकसद से आने के लिए 24 घंटों का लिखित नोटिस पहले देना होगा। 
  • रेंट एग्रीमेंट की समय सीमा से पहले किरायेदार को तब तक नहीं निकाला जा सकेगा, जब तक उसने लगातार दो महीनों तक किराया न दिया हो या प्रॉपर्टी गलत इस्तेमाल कर रहा हो। 
  • बिल्डिंग के ढांचे की देखभाल के लिए किरायेदार और मकान मालिक दोनों ही जिम्मेदार होंगे। 
  • मकान में कुछ सुधार कराने या रेनोवेशन का काम खत्म होने के एक महीने बाद किराएदार की सहमित से किराया बढ़ा सकेगा मालिक। 
  • राज्य सरकारें अपनी इच्छा से यह कानून अपने यहां लागू कर सकेंगी।

इसलिए बनेगा कानून

देश भर में मकान मालिक और किरायेदारों के बीच विवाद बढ़ते जा रहे हैं। इन विवादों में कमी लाने के लिए सरकार कानून लेकर के आ रही है। इस बात की घोषणा खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच जुलाई को अपने बजट भाषण में की थी। 

किरायेदारों के रखे जाएंगे यह हित

इस ड्राफ्ट में किरायेदारों के लिए कई हितों को सुरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। अब कोई भी किरायेदार घर लेने पर दो महीने से ज्यादा की सिक्युरिटी एडवांस के तौर पर नहीं देगा। इसके अलावा किराये की अवधि के बीच मकान मालिक किराया नहीं बढ़ा सकेंगे। मकान मालिकों को किराये में किसी तरह का बदलाव करने के लिए तीन महीने पहले नोटिस देना होगा। कोई विवाद होने पर मकान मालिक किराएदार की बिजली और पानी आपूर्ति जैसी जरूरी सुविधाएं बंद नहीं करेगा।

देश के कई शहरों में मकान मालिक घर किराये पर देने से पहले 11 महीने की एडवांस सिक्युरिटी लेते हैं। इससे किरायेदारों पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है। 

मकान मालिकों के यह हित होंगे शामिल

इस ड्राफ्ट में किरायेदारों के अलावा मकान मालिकों के लिए भी कई हित शामिल किए गए हैं। ड्राफ्ट में कहा गया है कि यदि कोई किराएदार तय समय से ज्यादा मकान में रहता है तो उसे पहले दो महीने के लिए दोगुना किराया देना होगा। यदि वह दो महीने से ज्यादा समय तक रहता है तो उसे चार गुना किराया देना होगा।

किरायेदार द्वारा घर खाली करने के बाद मकान मालिक अपनी लेनदारी काटने के बाद सिक्युरिटी मनी को वापस कर देगा। 

बनेगी रेरा जैसी अथॉरिटी

ड्राफ्ट कानून में रेरा जैसी अथॉरिटी बनाने की भी सिफारिश की गई है। यह किराया अथॉरिटी विवादों का निपटारा करेगी। किरायेदार और मकान मालिक दोनों को किरायानामा (रेंट एग्रीमेंट) बनने के बाद इसको अथॉरिटी में जमा करना होगा। अग्रीमेंट में मासिक किराया, अवधि, मकान में आंशिक रिपेयर, बिलों का भुगतान (बिजली, गैस, मेंटिनेंस आदि) जैसे का जिक्र होगा। विवाद होने पर कोई भी पक्ष अथॉरिटी के पास जा सकता है। किराएदार अगर लगातार दो महीने तक किराया नहीं देता है तो मकान मालिक रेंट अथॉरिटी की शरण ले सकता है।
विज्ञापन

Recommended

rented house owners landlord draft bill urban housing ministry rent authority किराये का घर मकान मालिक ड्राफ्ट बिल रेंट अथॉरिटी रेंट एग्रीमेंट

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Recommended Videos

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।