रियल एस्टेट सेक्टर की विस्तृत जानकारी देने वाली नाइट फ्रैंक इंडिया ने साल 2020 की पहली छमाही के लिए अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है। नाइट फ्रैंक इंडिया की इस रिपोर्ट में साल 2020 के जनवरी से लेकर जून तक रियल एस्टेट सेक्टर में आए बदलाव की विस्तृत जानकारी दी गई है।
इस रिपोर्ट में आठ मुख्य शहरों के ऑफिस और रेसिडेंशियल मार्केट के प्रदर्शन का व्यापक ब्यौरा रहता है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2020 की पहली छमाही में दिल्ली-एनसीआर में नए ऑफिस में 86 फीसदी की गिरावट देखी गई है, यानि कि पिछले साल की तुलना में यह 0.8 मिलियन वर्ग फीट रहा।
वहीं ऑफिस लीजिंग में पिछले साल की तुलना में 45 फीसदी की कमी देखी गई है। इस अवधि में सौदों का औसत आकार सिकुड़कर 2,927 वर्ग मीटर (31,506 वर्ग फुट) हो गया। रिपोर्ट बताती है कि पिछले दस सालों में पहली बार नोएडा की 1.08 मिलियन वर्ग फीट सौदों संबंधी समग्र गतिविधि ने गुरुग्राम के 0.9 मिलियन वर्ग फीट के दर्ज आंकड़े को पछाड़ दिया है।
एनसीआर में रेसि़डेंशियल घरों की बिक्री में कमी
एनसीआर में पिछले साल की तुलना में रेसिडेंशियल घरों की बिक्री में 73 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि इस छमाही में एनसीआर में बिकने वाली यूनिट्स 5,446 रही। वहीं होम लॉन्च में भी 82 फीसदी की गिरावट देखने को मिली और यूनिट्स की संख्या 1,422 रही।
दिल्ली में लीजिंग में गिरावट
बात करें लीजिंग की तो दिल्ली में लीजिंग की 61 फीसदी तक गिरावट देखी गई, इस दौरान शहर में केवल बीएफएसआई सेक्टर के ऑक्युपायर्स की बड़ी रुचि देखी गई। दिल्ली में ऊंचे किराया होने के बाद भी कनॉट प्लेस और बाराखंभा रोड जैसे इलाकों किराए पर घर लेने के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे।
गुरुग्राम में ऑफिस लीजिंग में गिरावट
कोरोना को काबू करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की वजह से गुरुग्राम के ऑफिस लीजिंग 69 फीसदी की गिरावट रही। नई ऑफिस स्पेस आपूर्ति के मामले में गुरुग्राम में केवल 0.3 मिलियन वर्ग फीट की आपूर्ति उपलब्ध हो सकी, जो पिछले साल की तुलना में 88 फीसदी कम है।
एनसीआर में रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी बाजार से उम्मीद
नाइट फ्रैंक इंडिया के कार्यकारी निदेशक नॉर्थ, मुदस्सिर जैदी का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद एनसीआर रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी बाजार से अभी भी उम्मीदें हैं। पजेशन की सुविधा होने और जीएसटी करारोपण ना होने की वजह से खरीदारों की दिलचस्पी रेडी टू मूव ऑन अपार्टमेंट्स में ज्यादा बढ़ी है लेकिन एनसीआर जैसे इलाके के लिए यह अच्छा संकेत नहीं है।
दूसरी छमाही में बेहतर स्थिति की संभावना
नाइट फ्रैंक इंडिया के कार्यकारी निदेशक नॉर्थ, मुदस्सिर जैदी कहते हैं कि पिछले साल एनसीआर ने ऑफिस स्पेस आपूर्ति के साथ-साथ सौदों के मामले तेज तरक्की देखी थी लेकिन कोविड-19 और लॉकडाउन की वजह प्रॉपर्टी की तरक्की पर एक विराम लग गया। अब अनलॉक-2 से दोबारा कामकाज पटरी पर लौट रहा है।
ऐसे में उम्मीद करते हैं कि किराएदार या घर खरीदार अपने रियल एस्टेट पोर्टफोलियो पर दोबारा विचार करेंगे और उसमें कुछ बदलाव करेंगे।