अगर आप घर बनाने की सोच रहे हैं तो फिर नींव खोदने से पहले सरिया की क्वालिटी को अच्छे से जांच परख लें। ऐसा इसलिए क्योंकि देश में बिक रहे 26 ब्रांड के सरियों में से 18 की क्वालिटी काफी खराब पायी गई है। इससे बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल हो रहे सरिये पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
इसने जारी की रिपोर्ट
कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़े एक थिंक टैंक फर्स्ट कंस्ट्रक्शन काउंसिल की तरफ से जारी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन 18 ब्रांड्स ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की तरफ से जारी मानकों का पालन नहीं किया है। सरिया को ज्यादातर लोग टीएमटी बार के नाम से भी जानते हैं।
सरिया कमजोर होने से जान को खतरा
किसी भी तरह का घर, पुल, हाईवे, ऑफिस और मॉल आदि बिल्डिंग बनाने में सरिया, सीमेंट और रेत का इस्तेमाल होता है। इनमें से किसी भी चीज की क्वालिटी घटिया होने पर आप पर भी असर पड़ता है। इससे बिल्डिंग कमजोर होकर गिर सकती है, जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता है।
तीन पदार्थों की मात्रा ज्यादा
बीआईएस के मुताबिक सरिया को बनाने में तीन अहम पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कार्बन, सल्फर और फॉस्फोरस हैं। टेस्ट के दौरान 18 ब्रांड्स में इन तीनों की मात्रा तय मानक से ज्यादा पाई गई। इससे सरिए की उम्र कम हो जाती हैI
सरकार ने माना गंभीर मामला
पिछले चार साल से देश में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की संख्या काफी तेजी से बढ़ गई है। इसके चलते सरिया और सीमेंट की खपत में भी इजाफा हुआ है। हाल ही में वाराणसी, कोलकाता और अन्य कई शहरों में पुल गिरने की खबरें भी सामने आई हैं।
इससे घटिया क्वालिटी के सामान का इस्तेमाल होने की बात भी सामने आ रही है। रिपोर्ट जारी होने के बाद सरकार ने भी इसे गंभीर मामला माना है। लौह अयस्क मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार सरकार इस बारे में जल्द एक गाइडलाइन जारी करेगी।