विश्व बैंक ने अप्रैल कमोडिटी मार्केट्स आउटलुक में कहा कि 2018 में तेल कीमतें औसत 65 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद है। 2017 में यह औसत 53 डॉलर प्रति बैरल पर थी। इस वृद्धि में उपभोक्ता मांग बढ़ने और तेल उत्पादकों द्वारा उत्पादन घटाने का प्रमुख योगदान रहेगा। विश्व बैंक ने कहा कि 2019 में भी तेल की औसत कीमत 65 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक 2018 की पहली तिमाही में वैश्विक तेल खपत 1.6 फीसदी की अनुमानित दर से बढ़ी। भारत में यह खपत इस दौरान 11 फीसदी बढ़ी।
- 20 बढ़ सकती है ऊर्जा कमोडिटी की कीमत इस साल
- 65 डॉलर प्रति बैरल रह सकती है औसत तेल कीमत इस साल
- 53 डॉलर प्रति बैरल थी औसत तेल कीमत गत साल
- 65 डॉलर प्रति बैरल रहेगी 2019 में भी औसत कीमत
- 11 फीसदी बढ़ी तेल खपत भारत में 2018 की प्रथम तिमाही में
रिपोर्ट में कहा गया है कि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर कोयले की वैश्विक कीमतें 2018 की प्रथम तिमाही में चार फीसदी बढ़ीं। 2017 में यह 34 फीसदी बढ़ी थी। इस वृद्धि में शीत लहर के चलते चीन में खपत में हुई भारी बढ़ोतरी, भंडार में कमी और उत्पादन कटौती का अहम योगदान रहा। कई यूरोपीय देश अगले एक दशक में कोयले की खपत समाप्त करना चाहते हैं। भारत में हालांकि इस दौरान कोयले की खपत सर्वकालिक रिकॉर्ड पर पहुंच जाने का अनुमान है। कोयले की कीमत 2018 में प्रति टन 85 डॉलर औसत रह सकती है, जो 2017 के मुकाबले कुछ कम है, क्योंकि इस दौरान कोयला भंडार में हुई गिरावट की भरपाई हो गई और खपत में कटौती हुई। एजेंसी
पेट्रोल-डाजल कीमतें रिकॉर्ड उच्च स्तर पर
देश में इन दिनों पेट्रोल की कीमत रिकॉर्ड उच्च स्तर के पास पहुंच गई है, जबकि
डीजल सर्वकालिक उच्च स्तर पर बिक रहा है। इंडियन ऑयल कारपारेशन की ताजा मूल्य सूची के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल मूल्य प्रति लीटर 74.63 रुपये था, जो गत पांच साल का ऊपरी स्तर है। डीजल मूल्य प्रति लीटर 65.93 रुपये था, जो सर्वकालिक उच्च स्तर है। इससे एक दिन पहले भी दोनों ईंधनों की यही कीमतें थीं।