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लंगर या भंडारे पर GST में नहीं मिलेगी छूट, खुल सकती है कर चोरी की एक नई खिड़की

Thu, 26 Apr 2018 09:58 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली 
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लंगर
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गुरुद्वारा में बंटने वाले लंगर या मंदिरों में होने वाले भंडारे के लिए खरीदे जाने वाले सामानों पर जीएसटी से कोई छूट नहीं मिलेगी। वित्त मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि यह प्रमाणित कौन करेगा कि अमुक सामग्री का उपयोग भंडारे या लंगर के लिए ही हुआ। ऐसा होने से करवंचन की एक नई खिड़की खुल सकती है।

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केंद्रीय वित्त मंत्रालय में जीएसटी परिषद से जुड़े से एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि केंद्र के साथ कई राज्यों का भी यही मत है। गुरुद्वारा से जुड़े संगठन और कई राजनीतिक दल मांग कर रहे हैं कि लंगर के लिए खरीदे जाने वाले सामान पर जीएसटी नहीं लगे। इसमें कई व्यवहारिक दिक्कतें हैं, इसलिए इसे नहीं माना जा सकता।

प्रमाणित कौन करेगा
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी दिक्कत प्रमाणन की है। मान लिया जाए कि सदर बाजार के किसी कारोबारी ने एक ट्रक घी गुरुद्वारे के नाम पर भेजा, तो उसे प्रमाणित कौन करेगा कि इसका उपयोग गुरुद्वारे के लंगर या मंदिर के भंडारे के लिए ही हुआ है, उसे कहीं और नहीं भेजा गया है। यह सहूलियत कर चोरी का एक जरिया बन सकता है। 
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कर चोरी के तमाम तरीके कर अधिकारियों के सामने आ चुके हैं। यही नहीं, चावल, दाल, घी, चीनी, मसाले आदि ही नहीं बल्कि वहां भवन निर्माण में उपयोग होने वाले सीमेंट, ईंट, सरिया, लोहा-इस्पात आदि पर भी जीएसटी से छूट की मांग उठने लगेगी। जब एक बार किसी धर्म में इस आधार पर कर में छूट दी गई तो फिर हर धर्म में ऐसी मांग उठेगी।

राज्य सरकारें दे तो केन्द्र को दिक्कत नहीं
जिस तरह से पंजाब सरकार ने लंगर के लिए हुई खरीदारी पर राज्य के मद में देय कर छूट की बात कही है, उस पर केंद्र को कोई दिक्कत नहीं है। उनका कहना है कि कोई भी राज्य चाहे तो अपने हिस्से का जीएसटी लंगर या भंडारे के लिए माफ कर सकता है।

नीतिश एवं हरसिमरत कौर बादल ने लिखा है पत्र
केंद्र सरकार के सहयोगी जनता दल (यू) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा केंद्र सरकार में मंत्री और शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिख कर लंगर या भंडारे पर जीएसटी वापस लेने की मांग की है। 
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कई सिख संगठनों का कहना है कि 450 साल के इतिहास में पहली बार लंगर पर टैक्स लगाया गया है। इसलिए इसे वापस लिया जाना चाहिए।

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