बता दें कि श्रीगंगानगर से महज नौ किलोमीटर दूर पंजाब में पेट्रोल 9.18 रुपये और डीजल 10.08 रुपये सस्ता है। इसके पीछे का कारण यह है कि पंजाब में पेट्रोल पर 25 फीसदी और डीजल पर 15.94 फीसदी वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) लगता है। जबकि, राजस्थान में पेट्रोल पर वैट 38 फीसदी और डीजल पर 28 फीसदी है। इसके चलते श्रीगंगानगर के लोग डीजल-पेट्रोल के लिए पंजाब की सीमा में पहुंच रहे हैं।
श्रीगंगानगर शहर की सीमा पंजाब से लगती है। पंजाब के साधुवाली गांव से गुमजाल गांव के बीच नौ किमी के अंदर 14 पेट्रोल पंप हैं। इसी के चलते श्रीगंगानगर के लोग पेट्रोल भरवाने के लिए पंजाब के पेट्रोल पंपों का रुख करने लगे हैं। ऐसे में श्रीगंगानगर पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने सरकार से कहा है कि अगर उन्हें ऐसे हालात से राहत नहीं मिलती है तो वे पंप बंद कर चाबियां सरकार के हवाले कर देंगे।
बता दें कि कच्चे तेल की कीमत बीते 13 महीनों में अपने उच्चतम स्तर पर हैं। इस साल कच्चे तेल के दामों में 23 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। एक जनवरी को कच्चे तेल की कीमत 51 डॉलर प्रति बैरल थी जो आज की तारीख में 63 डॉलर से अधिक है। वहीं, कोरोना से उबर रही दुनिया में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे ईंधन की मांग में इजाफा हुआ है। परिणामस्वरूप इसकी कीमत भी बढ़ गई है।
घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमत लगातार बढ़ने का कारण यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं और सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी नहीं कम कर रही है। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल पर 32.90 रुपये और डीजल पर 31.80 रुपये एक्साइज ड्यूटी लग रही है। इसके अलावा राज्य सरकारें भी पेट्रोल-डीजल पर वैट भी लगाती हैं। इसके चलते कीमतों में इजाफा हो रहा है।