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एलन मस्क की एक चाल से उच्चतम स्तर पर पहुंचा बिटक्वाइन, जानिए कितनी है कीमत

Tue, 09 Feb 2021 11:48 AM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बिटकॉइन - फोटो : pixabay
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दुनिया के सबसे अमीर शख्स और इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की एक घोषणा से बिटक्वाइन की कीमत उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इसके बाद बिटक्वाइन की कीमतों में भी जोरदार वृद्धि हुई। टेस्ला ने यह घोषणा की उसने क्रिप्टोकरेंसी में 1.5 अरब डॉलर का निवेश किया है। टेस्ला ने सोमवार को इसकी घोषणा की और उसके बाद बिटक्वाइन की कीमत में 15 फीसदी की तेजी आई। 

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इतनी हुई कीमत
इससे बिटक्वाइन की कीमत 44,141 डॉलर पर पहुंच गई। यह पहला मौका है जब बिटक्वाइन की कीमतें 44,000 डॉलर के पार पहुंची हैं। भारतीय मुद्रा के हिसाब से यह 32 लाख रुपये से भी ज्यादा हो गई है। टेस्ला ने यह भी कहा कि वह अपनी इलेक्ट्रिक कारों के भुगतान के लिए डिजिटल टोकन को अपनाएगी। 

बिटक्वाइन का समर्थन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी
इस निवेश के साथ ही टेस्ला अब विवादास्पद क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन का समर्थन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। टेस्ला ने कहा है कि वह अपनी कारों के लिए डिजिटल क्वाइन में पेमेंट लेना शुरू करेगी। मालूम हो कि बिटक्वाइन के लिए पिछला साल भी बेहतरीन रहा है। साल 2020 में इसकी कीमत चार गुना बढ़ी थी।
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पूरी दुनिया की टेलिकॉम इंडस्ट्री पर है नजर 
एलन मस्क की नजर अब भारत समेत पूरी दुनिया की टेलिकॉम इंडस्ट्री पर है। एलन मस्क ने स्पेसएक्स ने स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस के लिए करीब 1000 सैटेलाइट छोड़े हैं। इसके साथ ही अब मस्क धरती का चक्कर काट रहे एक चौथाई उपग्रहों के मालिक भी बन गए हैं। इतना ही नहीं, पिछले दो साल में कंपनी ने एक दर्जन से ज्यादा स्टारलिंक मिशन भेजे हैं। मस्क की कंपनी 40 हजार सैटलाइट भेजना चाहती है, जिससे हाई-स्पीड इंटरनेट तैयार किया जा सकेगा। स्पेसएक्स को तेज गति से इंटरनेट देने के लिए अपने उपग्रहों को निचली कक्षा में करना जरूरी है ताकि सिग्नल को धरती तक पहुंचने में ज्यादा दूरी तय नहीं करनी पड़े। इसलिए बड़ी तेजी से उपग्रह इस कक्षा में छोड़े जा रहे हैं। स्पेसएक्स कंपनी (SpaceX) के मालिक अरबपति एलन मस्क अपनी योजना में अगर सफल रहते हैं तो भारत जैसे देश से रिलायंस जियो और एयरटेल जैसी कंपनियों की छुट्टी हो सकती है। 

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साल 2020 में हुई 298 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी
साल 2020 में इसकी कीमत में 298 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। तुरंत मुनाफे के लिए बड़े निवेशक इसका रुख कर रहे हैं, जिसके चलते इसकी कीमत तेजी से बढ़ रही है। नवंबर माह में इसका भाव 18 हजार डॉलर के स्तर पर था।

एक माह में बिटक्वाइन ने दिया 934 फीसदी रिटर्न
सात दिसंबर 2020 को यह 19141.2 डॉलर (14.12 लाख रुपये) का था। यानी सिर्फ एक महीने में ही इसने निवेशकों को 934 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं बात अगर सोने की करें, तो सात दिसंबर को दिल्ली में 24 कैरट सोने का दाम 50,920 रुपये प्रति 10 ग्राम था, पर सात जनवरी को यह बढ़कर 53,540 रुपये हो चुका था, यानी एक महीने में सोने ने 5.15 फीसदी रिटर्न दिया।

देश के सबसे पुराने और सबसे ज्यादा प्रयोग किए जाने वाले बिटक्वाइन और क्रिप्टो एसेट एक्सचेंज Zebpay के अनुसार, विश्वभर में मौजूद बिटक्वाइन में एक फीसदी से भी कम भारतीयों के पास है। सात जनवरी 2016 को एक बिटक्वाइन की कीमत 441.02 डॉलर (29.34 हजार रुपये, तत्कालीन डॉलर के भाव पर) थी। 

क्या है क्रिप्टोकरेंसी?
क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी करेंसी है जिसे आप देख नहीं सकते। आसान शब्दों में आप इसे डिजिटल रुपया कह सकते हैं। क्रिप्टोकरेंसी को कोई बैंक जारी नहीं करती है। इसे जारी करने वाले ही इसे कंट्रोल करते हैं। इसका इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में ही होता है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने 2018 में लगाया था बैन
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2018 में एक सर्कुलर जारी कर क्रिप्टोकरेंसी कारोबार को बैन किया था। लेकिन मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल करेंसी, जिसे क्रिप्टोकरेंसी भी कहते हैं, उससे ट्रेड को मंजूरी दे दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद वर्चुअल करेंसी जैसे बिटक्वाइन में कानूनी रूप से लेन-देन किया जा सकता है।

भारत में क्रिप्टोकरेंसी खरीदने-बेचने पर थी 10 साल की जेल
क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2019 के ड्राफ्ट में यह प्रस्ताव दिया गया था कि देश में क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-बिक्री करने वालों को 10 साल की जेल की सजा मिलेगी। ड्राफ्ट के मुताबिक इसकी जद में वे सभी लोग आएंगे जो क्रिप्टोकरेंसी तैयार करेगा, उसे बेचेगा, क्रिप्टोकरेंसी रखेगा, किसी को भेजेगा या क्रिप्टोकरेंसी में किसी प्रकार की डील करेगा। इन सभी मामलों में दोषी पाए जाने वालों को 10 साल तक की जेल की सजा मिलती थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने यह प्रतिबंध हटा दिया है।
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