इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने का प्रोसेस शुरू हो चुका है। फिलहाल 31 जुलाई रिटर्न भरने की आखिरी तारीख है। हालांकि इस तिथि को आयकर विभाग आगे चलकर बढ़ा भी सकता है। आईटीआर को भरने के बाद उसको वैरिफाई भी करना जरूरी होता है। अगर किसी भी करदाता ने ऐसा नहीं किया तो उसका रिटर्न वैलिड नहीं माना जाएगा। आयकर कानून के हिसाब से प्रत्येक करदाता को अपना रिटर्न वैरिफाई करना जरूरी होता है।
टैक्स सलाहकार और सीए अतुल गर्ग ने अमरउजाला.कॉम को बताया कि कोई भी करदाता जो आईटीआर-1, आईटीआर-2 और आईटीआर-4 को भरेगा तो उसको अपने रिटर्न को 120 दिन के अंदर वैरिफाई करना जरूरी है। इन छह तरीकों में पांच ऑनलाइन और एक फिजिकल तरीका है। अगर आपके आईटीआर को ऑडिट करना है तो फिर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट होना जरूरी है। आइये जानते हैं इन छह में से तीन तरीकों के बारे में....
पैन कार्ड को आधार से लिंक करना जरूरी है। बिना आधार के कोई भी करदाता अपना रिटर्न नहीं भर पाएगा। ऐसे में करदाता रिटर्न दाखिल करने के बाद आसानी से इसको वैरिफाई कर सकेंगे। आपको आयकर विभाग की साइट पर जाकर माई अकाउंट सेक्शन में जाकर के ई-वैरिफाई रिटर्न पर जाकर के क्लिक करना होगा।
आईटीआर को नेटबैंकिंग के जरिए भी वैरिफाई किया जा सकता है। हालांकि इसकी सुविधा केवल कुछ बैंकों के जरिए मिलती है।
बैंक खाते के जरिए भी आप ऐसा कर सकते हैं। यह सुविधा भी कुछ बैंकों में मिलती है। हालांकि यह तभी होगा जब आपका पैन कार्ड और बैंक खाते में एक ही नाम होगा।
आप आयकर रिटर्न को आप डीमैट, एटीएम और फिजिकल प्रोसेस के जरिए भी वैरिफाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको आयकर विभाग की वेबसाइट और संबंधित बैंक से भी जानकारी मिल जाएगी। केवल फिजिकल वैरिफिकेशन को छोड़कर के आपको अन्य दो तरीकों से रिटर्न आसानी से वैरिफाई कर सकेगा।