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स्मॉल सेविंग स्कीम के खातों को खाताधारक कभी भी कर सकेंगे बंद, सरकार देने जा रही है तोहफा

Mon, 12 Feb 2018 12:07 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्र सरकार उन लोगों को जल्द ही एक बड़ा तोहफा देने जा रही हैं, जिन्होंने लघु बचत योजना (स्मॉल सेविंग स्कीम) में निवेश कर रखा है। सरकार ने बजट 2018 में इस तरह का प्रस्ताव खाताधारकों के लिए रखा है। अगर संसद इन प्रस्तावों को पास कर देती है तो फिर इन बचत योजनाओं के खाताधारक कभी भी अपना खाता बंद कर सकेंगे।  

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अभी होता है लॉक-इन पीरियड
अभी इन सभी बचत योजनाओं में अलग-अलग लॉक-इन पीरियड है, जिसके कारण लोगों को तय अवधि तक निवेश करना होता है और उसके बाद वो अपनी जमा राशि निकाल सकते हैं। हालांकि सरकार पीपीएफ सहित सभी योजनाओं के लिए कानून में बदलाव करने भी जा रही है, जिसके कारण इस तरह के सभी लघु बचत खाते बैंकों में चलने वाले आम बचत खाते में तब्दील हो जाएंगे। 

इमरजेंसी के वक्त निकाल सकेंगे पैसा
सरकार जो नया कानून लेकर के आएगी उसके मुताबिक खाताधारक किसी भी इमरजेंसी के वक्त खाते से पैसा या फिर उसको बंद कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि ऐसा करने से ज्यादा से ज्यादा लोग इन लघु बचत योजनाओं में निवेश करेंगे। 

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पीपीएफ में 15 साल का है लॉक-इन पीरियड

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पीपीएफ में फिलहाल 15 साल का लॉक-इन पीरियड है, जिसमें 7 साल के बाद चार साल तक जमा हुई कुल राशि की 50 फीसदी रकम निकाली जा सकती है। इस स्कीम में पांच साल बाद खाते को बंद कर सकते हैं, लेकिन ब्याज नहीं मिलेगा। 

नये कानून से इन खातों पर पड़ेगा असर
स्मॉल सेविंग एक्ट के खत्म होने से जिन अकाउंट्स पर सर्वाधिक असर पड़ेगा, उनमें पोस्ट ऑफिस सेविंग बैंक अकाउंट, नेशनल सेविंग मंथली इनकम, नेशनल सेविंग आरडी अकाउंट, सुकन्या समृद्धि अकाउंट, नेशनल सेविंग टाइम डिपॉजिट (1,2,3 और 5 साल), सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम, एनएससी, पीपीएफऔर किसान विकास पत्र शामिल हैं। 
सब कुछ संसद पर निर्भर

अगर संसद बजट के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा देती है, तो फिर सरकार गजट में नए कानून को लागू करने की अधिसूचना जारी कर देगी। अगर यह हो गया तो सरकार देश भर में लागू सोशल सिक्युरिटी के नाम पर चल रही तमाम स्कीमों को बंद कर देगी।

आप पर ऐसे पड़ेगा असर
इस कानून के लागू हो जाने के बाद आपको इन योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज, बैंकों में मिलने वाले ब्याज के समान हो जाएगा। अभी पीपीएफ और एनएससी पर 7.6, केवीपी पर 7.3 फीसदी, सुकन्या समृद्धि खाते पर 8.1 फीसदी, एक से पांच साल तक के टर्म डिपोजिट पर ब्याज दर 6.6 से 7.4 फीसदी और पांच वर्षीय रिकरिंग डिपोजिट पर 6.9 फीसदी ब्याज दर है। अभी सरकारी बैंकों में सेविंग अकाउंट पर 3.50 से 4.50 फीसदी के बीच ब्याज मिलता है। वहीं प्राइवेट बैंकों में यह 6 फीसदी के करीब है।
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