कोरोना वायरस महामारी के समय में अगर आपको पैसों की जरूरत है, तो आप अपने प्रोविडेंट फंड (PF) खाते से निकासी कर सकते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अंशधारक अपनी बचत का 75 फीसदी या अधिकतम तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते को अपने पीएफ खाते से निकाल सकते हैं (जो भी कम हो)।
72 घंटे में खाते में आ जाएंगे पैसे
कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) दावों के लिए विशेष कोरोना वायरस निकासी योजना के तहत प्राथमिकता से काम किया जा रहा है। ईपीएफओ के अनुसार, कोविड-19 के तहत ऑनलाइन दावों पर ऑटो मोड से क्लेम सेटल किए जा रहे हैं और सिर्फ 72 घंटे में पैसे आपके खाते में आ जाएंगे।
महामारी वापसी प्रावधान के अलावा, ईपीएफओ ने ग्राहकों को वर्तमान में घर निर्माण, शादी, बच्चों की शिक्षा, बीमारी और बेरोजगारी को वापस लेने की भी अनुमति दी है।
दो महीनों में 36.02 लाख दावों का निपटान
ईपीएफओ ने लॉकडउाउन के दौरान पिछले दो महीनों में 36.02 लाख दावों के निपटान किए और अपने सदस्यों को 11,540 करोड़ रुपये वितरित किए। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि, 'कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय के दौरान सदस्यों के लिए चीजों को आसान बनाने के इरादे से ईपीएफओ ने अपने सदस्यों को समय पर सेवा देने को लेकर हर संभव प्रयास किए।'
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत दी गई अनुमति
बयान में कहा गया है कि कुल दावों में से 15.54 लाख दावे कोविड-19 संकट से राहत देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत ईपीएफ से पैसा निकालने की दी गई अनुमति से संबद्ध थे। इसके तहत कुल 4,580 करोड़ रुपये वितरित किए गए। इस कठिन समय में ईपीएफओ सदस्यों खासकर जिनका मासिक वेतन 15,000 रुपये से कम है, उन्हें भविष्य निधि खाते से निकालने की अनुमति से बड़ी राहत मिली।
ईपीएफओ के अनुसार करीब 24 प्रतिशत दावा उन लोगों के थे जिनका वेतन 15,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच था। वहीं 50,000 रुपये से अधिक के वेतन वाली श्रेणी में दावा केवल दो फीसदी रहा। कोरोना संकट से निपटने के लिए किए गए दावों के निपटान करीब 10 दिन से कम कर लगभग 3 दिन में किए गए।