अब इलाज के लिए अगर पैसों की कमी हो जाए तो किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। केंद्रीय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पीएफ खाते से इलाज के लिए पैसा निकालने में डॉक्टर का सर्टिफिकेट पहले जमा कराने की बाध्यता को खत्म कर दिया है। इसके साथ ही विकलांग लोग भी अपने पीएफ खाते की रकम का इस्तेमाल उपकरण खरीदने और आगे के इलाज के लिए कर सकेंगे।
4 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा
ईपीएफओ के इस फैसले से 4 करोड़ खाताधारकों को लाभ मिलेगा। इसके लिए ईपीएफओ ने अपने एक्ट में बदलाव किया है। इन बदलाव के तहत केवल एक फॉर्म भरना होगा और सेल्फ डिक्लेरेशन देना होगा। श्रम मंत्रालय ने पीएफ एक्ट के क्लॉज 68जे व 69 एन में बदलाव किया है। इसके तहत खाताधारक जो भी पैसा अपने पीएफ अकाउंट से निकालेंगे वो वापस नहीं करना होगा। अभी एक्ट इस क्लॉज के अंदर पैसा निकलने के लिए पहले से आवेदन और डॉक्टर का सर्टिफिकेट जमा करना होता है।
एक महीने होगा इलाज तो भी मिलेगा पैसा
ईपीएफओ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर इलाज के लिए एक महीने का वक्त भी लगेगा तो भी पैसा मिलेगा। इसमें अस्पताल में होने वाली बड़ी सर्जरी या फिर टीबी, विकलांगता, लकवा, कैंसर, मानसिक रोगी और दिल की बीमारियों के लिए भी आसानी से पैसा निकाल सकेंगे।