पेंशनर्स ने 18 महीने के डीए के एरियर को लेकर बीती सात सितंबर को धरना दिया था और इस बारे में वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी भी लिखी है। अब ये मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है और ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि वह नवंबर महीने में ही इसका हल निकाल सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
पेंशनर्स ने मोदी को लिखी चिट्ठी में क्या कहा
भारतीय पेंशनर्स मंच (बीएमएस) ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) के एरियर का बकाया देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है। मंच ने पीएम मोदी को एक चिट्ठी लिखकर इस मामले में मदद करने के लिए कहा है। वित्त मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से मई 2020 में डीए बढ़ोतरी को 30 जून 2021 तक के लिए रोक दिया था। इसके बाद एक जुलाई 2021 से इसे फिर से बहाल करने के लिए कहा गया।
एक साल में दूसरी बार बढ़ा डीए
बता दें कि केंद्र सरकार ने पहले इस साल जुलाई में डीए की दर 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी की थी। फिर इसे एक बार फिर बढ़ा दिया गया और अब तीन फीसदी की बढ़ोतरी के साथ डीए की दर 31 फीसदी कर दी गई है। अब उम्मीद जताई जा रही हैं कि पेंशनर्स की चिठ्ठी पर संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री इस पर इसी महीने कोई निर्णय ले सकते हैं।
फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की भी उठी मांग
महंगाई भत्ते में इजाफे के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों की फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की मांग उठ रही है। 7वें सीपीसी की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन बढ़ाने के लिए फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया। इसके कारण कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन सीधे 6000 रुपये से 18000 रुपये हो गई। फिटमेंट फैक्टर 2.57 निर्धारित किया गया है, लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों की मांग है कि इसे 3 पर निर्धारित किया जाए।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर
केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन तय करने में फिटमेंट फैक्टर की अहम भूमिका होती है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी भत्तों के अलावा उसकी बेसिक सैलरी और फिटमेंट फैक्टर से ही तय होती है। कर्मचारियों का वेतन तय करते समय, महंगाई भत्ता (डीए), यात्रा भत्ता (टीए), हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) के साथ बेसिक सैलरी को 7वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर 2.57 से गुणा करके निकाला जाता है।