अब बैंक में जमा आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। बैंकों के डूबने पर सरकार पैसा देने की पूरी जिम्मेदारी लेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार ने विवादास्पद एफआरडीआई बिल को ठंडे बस्ते में डालने का मन बना लिया है।
इस वजह से लिया यह फैसला
केंद्र सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया, क्योंकि देश भर में बिल के प्रति काफी गलतफहमी लोगों के मन में फैल रही थी। लोगों के मन में यह धारणा थी बिल के कानून बन जाने के बाद सरकारी बैंकों के दिवालिया हो जाने की स्थिति में उनका जमा पैसा भी डूब जाएगा और सरकार किसी तरह की कोई मदद नहीं करेगी।
केवल एक लाख रुपया मिलता वापस
इस बिल के पास हो जाने के बाद सरकार की बैंकों के गारंटर के तौर पर जिम्मेदारी पूरी तरह से समाप्त हो जाती। वहीं बैंक में एक लाख रुपये से अधिक पैसा जमा करना आपके लिए सुरक्षित नहीं रहता।