भारत सरकार देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दे रही है। साल 2021 तक देश में डिजिटल लेनदेन चार गुना तक बढ़ने की उम्मीद है। सुरक्षित बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने के लिए भारतीय बैंकों ने कई कदम उठाए हैं। बैंक समय-समय पर फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए दिशानिर्देश जारी करते रहते हैं। लेकिन तब भी जालसाज बैंक खातों से पैसों की निकासी कर ही लेते हैं। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) जयपुर के महाप्रबंधक ने ग्राहकों को मेल के जरिए अलर्ट जारी किया है।
इन बातों का रखें ध्यान
- भारतीय स्टेट बैंक ने ग्राहकों को सावधान किया कि दूरभाष, एसएमएस, ईमेल, सोशल मीडिया से सूचित पुरस्कार, लॉटरी, गिफ्ट, नौकरी, सस्ती वस्तु उपलब्ध कराने वाले प्रस्ताव के लालच में कदापि न आएं।
- अपने खाते से संबंधित जानकारी जैसे खाता संख्या, आइएनबी एवं एटीएम कार्ड अंजान व्यक्तियों से कदापि साझा न करें। इनका अवैध प्रयोग किया जा सकता है जिससे आप पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है।
- हमारे बैंक या हमारे कोई प्रतिनिधि, ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी जैसे कि एटीएम पिन, इंटरनेट पासवर्ड, वन टाईम पासवर्ड, सीवीवी संख्या पूछने के लिए कभी भी ई-मेल, एसएमएस, दूरभाष का प्रयोग नहीं करते हैं।
- आप अपराधी को पकड़ने के लिए इस तरह के प्रस्तावों, घटनाओं का विवरण तुरंत स्थानीय पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में ला सकते हैं और नजदीकी एसबीआई शाखा को भी सूचित कर सकते हैं।
- शाखा संपर्क विवरण प्राप्त करने के लिए गूगल सर्च इंजन पर उपलब्ध संपर्क नंबर और विवरण पर भरोसा न करें। इस उद्देश्य के लिए केवल हमारी एसबीआई वेबसाइट का उपयोग करें।
- अपना पिन और पासवर्ड गुप्त रखें। समय-समय पर बैंक से संबंधित पासवर्ड बदलें।
बता दें कि फ्रॉड सिर्फ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से ही नहीं, बल्कि एटीएम, डेबिट व क्रेडिट कार्ड के जरिए भी हो रहे हैं। इसलिए ग्राहकों को अत्यंत सावधानी बरतने की जरूरत है।