अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर कोई कड़ी मेहनत करता है। लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिल पाती है। समझदारी से काम करना और अपने लक्ष्य के लिए हर संभव प्रयास करना आपके लिए सहायक होगा। बिजनेस जगत की बात करें, तो इसमें सफलता को जोखिम लेने की क्षमता से जोड़ा जाता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि एक एक्जीक्यूटिव को पहली नौकरी से सीईओ बनने में औसतन 24 साल लगते हैं। लेकिन जोखिम लेने वाला एक्जीक्यूटिव 14 सालों में ही सीईओ का पद हासिल कर सकता है।
सीईओ जिनोम प्रोजेक्ट में 10 साल तक की स्टडी की गई है, जिससे यह निष्कर्ष निकला है कि जोखिम लेने वाला एक्जीक्यूटिव 14 साल में ही कंपनी का सीईओ बन सकता है। बता दें कि 17,000 एक्जिक्यूटिव के सर्वे से यह बात सामने आई है। सर्वे में 2,000 सीईओ भी शामिल थे।
पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के लिए जोखिम उठाने की क्षमता और भी अहम हो जाती है। रिसर्च के अनुसार, 85 वरिष्ठ महिला एक्जीक्यूटिव ने सफलता के लिए जोखिम लेने की क्षमता को बेहद अहम माना है। जब महिलाएं खुद को उस काम के लिए तैयार नहीं समझतीं, तब जोखिम लेना और उस पर विजय प्राप्त करना और भी अहम हो जाता है।
स्टडी से यह बात सामने आई है कि महिलाएं किसी भी नए पद को संभालने से पहले खुद को पूरी तरह तैयार करना चाहती हैं। हालांकि, यह संभव नहीं है। कईं बार ऐसा होता है कि महिलाएं पूरी तरह से तैयार नहीं होतीं और नया पद या कोई नई भूमिका संभाल लेती हैं और जिम्मेदारी के हिसाब से जरूरी स्किल भी डेवलप कर लेती हैं।