मानसून के बाद हमारी वनस्पतियों और वातावरण पर काफी प्रभाव पड़ता है क्योंकि मानसून अपने साथ बीमारियों का जोखिम भी लेकर आता है। हर वर्ष मानसून के बाद डेंगू फैलने लगता है। डेंगू का खतरा बड़ा है और लोग इससे बचने के लिये सभी प्रकार के उपाय करते हैं। दवाइयों के मामले में हमने बड़े आविष्कार किये हैं और विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य रक्षा सुविधाएं तैयार की हैं, लेकिन बीमारियां भी ज्यादा खतरनाक हो गई हैं। पिछले कुछ वर्षों में डेंगू ने समूचे विश्व को झकझोर कर रख दिया है और प्रतिवर्ष इसके संक्रमण के लगभग 40 करोड़ मामले सामने आते हैं।
महंगी जांच
डेंगू का पता लगाने के लिए खून की महंगी जांच करवानी पड़ती हैं और इसका इलाज भी महंगा है, जिसमें दवा और इंजेक्शन शामिल हैं। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक विशेष डेंगू-हेल्थ कवर आवश्यक है, जो इस बीमारी के लिए लोगों का बीमा करेगा।
डेंगू कवर भी जरूरी
हम सभी को बताया गया है कि रोगों से बचने का एक उपाय है अपने आस-पास के क्षेत्र को स्वच्छ रखना और आवश्यकतानुसार मच्छरदानी का उपयोग करना। लेकिन एक बीमा पॉलिसी भी जरूरी है, जो बीमारी होने पर मच्छरदानी का काम करेगी। इसलिए इस मानसून में आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा करने वाली डेंगू केयर पॉलिसी लेना उचित होगा, जिसमें इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन, प्री-हॉस्पिटलाइजेशन और पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन शामिल हो।
क्या ध्यान दें
स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेते समय लोग अक्सर पूरे परिवार के लिए कवरेज, बीमित राशि और प्रीमियम, पहले से मौजूद बीमारियों के कवर के लिए कम प्रतीक्षा अवधि, नेटवर्क हॉस्पिटल, नगद रहित सुविधा, प्री-पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन, कमरे का किराया, आदि जैसे प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान देते हैं। प्राय: लोग ऐसा प्लान लेते हैं, जिसमें ये सभी पहलू हों। डेंगू केयर पॉलिसी में भी ये सभी लाभ मिल सकते हैं। इसलिए, डेंगू केयर पॉलिसी लेते समय ग्राहक को निम्नलिखित लाभों पर ध्यान देना चाहिए।
वहन करने की योग्यता
यह ‘धन को महत्व’ देने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना होनी चाहिए, जो डेंगू के उपचार पर केंद्रित हो और किफायती प्रीमियम दरों पर हॉस्पिटलाइजेशन और आउटपेशेंट ट्रीटमेंट को कवर करे। ओपीडी कवरेज- पॉलिसी में जांच, परामर्श, होम नर्सिंग और फार्मेसी के लिए कवरेज होना चाहिए, क्योंकि अधिकांश मामलों में डेंगू का उपचार घर पर ही किया जाता है। खरीदारी की सरल प्रक्रिया- डेंगू पॉलिसी सरल होनी चाहिए। ग्राहक को एकल प्रीमियम का भुगतान करना चाहिए, चाहे उसकी आयु कितनी भी हो। पॉलिसी में जटिल अंडरराइटिंग नहीं होनी चाहिए, इसमें मेडिकल टेस्ट के लिए कोई पूर्व आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
कम प्रतीक्षा अवधि- रिटेल पॉलिसी के लिए प्रतीक्षा अवधि बहुत कम होनी चाहिए, अन्य अधिकांश क्षतिपूर्ति योजनाओं की तुलना में 15 दिन। रिजेक्शन नहीं होना चाहिए- डेंगू केयर पॉलिसी सभी प्रकार के लोगों के लिए उपलब्ध होनी चाहिए, उनके लिए भी, जिन्हें सामान्य स्वास्थ्य बीमा योजना से रिजेक्ट कर दिया गया है। गैर-मेडिकल खर्चों के लिए कवरेज- पॉलिसी में गैर-मेडिकल खर्च भी कवर होने चाहिएं, जैसे हॉस्पिटलाइजेशन के दौरान साझा आवास के विकल्प।