फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा के होटलों में ठहरने पर देना होगा अलग टैक्स

Sat, 01 Dec 2012 10:24 AM IST
आगरा/अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
विदेश की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में नगर निगम आगरा में ठहरने वाले पर्यटकों से सीधे टैक्स वसूलने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव तैयार हो चुका है। सोमवार को होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में इसे रखा जाएगा।  
विज्ञापन


नगर आयुक्त डीके सिंह का कहना है कि ताजमहल सहित शहर की ऐतिहासिक धरोहरों के दीदार को आने वाले पर्यटकों को टैक्स में दायरे में लाया जाएगा। इसके तहत शहर के होटलों में रुकने वाले पर्यटकों से नगर निगम टैक्स लेगा। उनका कहना है कि पर्यटक शहर की सड़कों का प्रयोग करते हैं।

घूमने फिरने और होटल में रुकने के दौरान गंदगी करते हैं। पानी, सीवर लाइन से लेकर नालियों तक का प्रयोग होता हैं। ऐसे में उनसे निगम को टैक्स लेने का अधिकार है। टैक्स के लेने के दौरान लाइसेंस फीस में कुछ समझौता करने का प्रस्ताव भी है।
विज्ञापन


क्या होंगी टैक्स की दरें
पर्यटकों लिए जाने वाले टैक्स की नगर निगम दरें भी प्रस्तावित कर दी हैं। रोजाना के हिसाब से अलग-अगल होटलों के पर्यटकों टैक्स देना होगा।
पांच सितारा होटल-  50 रुपये
तीन सितारा होटल- 30 रुपये
बजट क्लास होटल- 20 रुपये
छोटे गेस्ट हाउस- 10 रुपये

शहर में कितने हैं होटल
ताज की नगरी में होटल, गेस्ट हाउस, लाजों की भरमार है। फतेहाबाद रोड पर तमाम छोटे बड़े होटल हैं। होटल संस्थाओं से जुड़े लोगों के मुताबिक शहर में करीब 400 होटल हैं। इनमें करीब 15000 कमरे हैं। सीजन के समय अधिकांश होटल फुल रहते हैं।

वर्तमान में निगम की टैक्स प्रक्रिया
नगर निगम वर्तमान में होटलों से तीन प्रकार का टैक्स वसूलता है। व्यवसायिक गतिविधि होने के चलते होटलों से प्रापर्टी टैक्स वसूल किया जाता है। इसके अलावा लाइसेंस शुल्क और यूजर चार्ज भी वूसलता है। सात से पांच सितारों से होटलों से करीब 5000 रुपये प्रतिमाह यूजर चार्ज लेना है। यह अलग बात है कि अभी तक यूजर वसूली की प्रक्रिया लागू नहीं हो सकी है।

पहले सुविधा दे फिर टैक्स ले  
नगर निगम के नए टैक्स के प्रस्ताव पर होटल कारोबार से जुड़े से लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान का कहना है कि नगर निगम विदेशों की तर्ज पर टैक्स वसूली की बात तो कर रहा है, लेकिन विदेशों की तर्ज सुविधा देने के बारे में कुछ नहीं कर रहा। जबकि पर्यटकों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पहले ही टैक्स वसूली की जा रही है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें