सरकार 3 साल की एफडी को टैक्स फ्री करने की बैंकों की तरफ से की जा रही मांग पर विचार कर रही है। फिलहाल बैंकों में जमा एफडी पर 5 साल की अवधि पूरी होने के बाद टैक्स में राहत मिलती है। यही कारण है कि लोग म्यूचुअल फंड और ईएलएसएस की तरफ मुड़ जाते हैं।
इकोनोमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, बैंक अधिकारियों और वित्तीय संस्थाओं ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से बजट से पहले होने वाली एक मीटिंग में यह भी आग्रह किया है कि कंपनियों पर टैक्स लगाने का भी स्लैब बनाया जाना चाहिए, जैसा कि व्यक्तिगत करदाता के लिए होता है।
दरअसल, सरकार देश में घटती बचत को लेकर चिंतित है और चाहती है कि लोग अधिक बचत करें। कम बचत होने की वजह से सरकार को भी अपने लिए धन जुटाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।