360 डिग्री रखी जाएगी नजर
इस प्रोजेक्ट के जरिए लोगों पर 360 डिग्री नजर रखी जाएगी। अभी तक विभाग किसी भी व्यक्ति के पैन कार्ड, बैंक खाते और लोन से आय पर नजर रखता था। लेकिन इसके बावजूद टैक्स भरने वाले लोगों और विदेश घूमने वाले या फिर नई गाड़ी खरीदने वाले लोगों की संख्या में काफी बढ़ा अंतर है। हर साल टैक्सपेयर्स के अनुपात में इतनी वृद्धि नहीं हो रही है, जितनी गाड़ी खरीदने वाले या फिर देश-विदेश घूमने वालों की संख्या है।
एक हजार करोड़ का खर्च
इस प्रोजेक्ट पर विभाग ने एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ये प्रोजेक्ट पिछले सात सालों से तैयार हो रहा था। सरकार का मकसद इस प्रोजेक्ट के जरिए विश्व का सबसे बड़ा बॉयोमेट्रिक डाटाबेस तैयार करने का है।
विभाग ने इसके लिए एलएंडटी कंपनी से मदद ली है। प्रोजेक्ट के तहत एक ऐसा वर्चुअल हाउस बनाया गया है जिसके जरिए लोगों की खर्च करने की सीमा को बैंक खातों के साथ-साथ सोशल मीडिया जैसे कि फेसबुक, इंस्टाग्राम से मैच किया जाएगा। इस डाटाबेस से ईडी, बैंक, एनआईए को भी टैक्स चोरों को पकड़ने व चोरी रोकने में मदद मिलेगी।