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निवेश के मंत्र 7: छोटी बचत योजनाओं में निवेश कितना फायदेमंद, देखें फेहरिस्त

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: Tanuja Yadav Updated Sun, 03 May 2020 05:09 PM IST
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छोटी बचत योजना में निवेश - फोटो : AMAR UJALA

केंद्र सरकार की तरफ से देश की जनता के लिए छोटी बचत योजनाएं चलाई जाती हैं। इन योजनाओं के जरिए देश के वित्तीय ढांचे में ज्यादा संख्या में आम लोगों की भागीदारी शामिल होती है। छोटी बचत योजनाओं के जरिए लोगों को बचत करने के टिप्स दिए जाते हैं। 

देश के मध्यम वर्गीय लोग छोटी बचत योजनाओं का ज्यादा लाभ उठाते हैं। केंद्र सरकार हर वित्तीय वर्ष की हर तिमाही में इन योजनाओं के तहत दी जाने वाली रिटर्न की समीक्षा करती है। इन योजनाओं में निवेश की एक लॉक-इन अवधि भी होती है, यानि उस अवधि तक आप अपनी जमा राशि नहीं निकाल सकते।



इन योजनाओं में निवेश से आप अपने बच्चों की शादी और पढ़ाई के लिए पैसे जुटा सकते हैं। रिटायरमेंट के लिए भी इन योजनाओं में निवेश किया जा सकता है। लोगों में बचत करने की आदत बनती है और अतिरिक्त आय का भी एक जरिया छोटी बचत योजनाएं बन जाती हैं।

केंद्र सरकार की भूमिका होने की वजह से इन योजनाओं में जोखिम कम होता है। छोटी बचत योजनाएं दूसरी योजनाओं की तुलना में थोड़ी सुरक्षित होती हैं। लंबे अवधि के लक्ष्यों के लिए इन योजनाओं में निवेश करने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं कि छोटी बचत योजनाओं के जरिए कहां निवेश कर सकते हैं और निवेश से कितना फायदा मिलेगा...

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छोटी बचत योजना में निवेश - फोटो : AMAR UJALA
केंद्र सरकार की तरफ से देश की जनता के लिए छोटी बचत योजनाएं चलाई जाती हैं। इन योजनाओं के जरिए देश के वित्तीय ढांचे में ज्यादा संख्या में आम लोगों की भागीदारी शामिल होती है। छोटी बचत योजनाओं के जरिए लोगों को बचत करने के टिप्स दिए जाते हैं। 

देश के मध्यम वर्गीय लोग छोटी बचत योजनाओं का ज्यादा लाभ उठाते हैं। केंद्र सरकार हर वित्तीय वर्ष की हर तिमाही में इन योजनाओं के तहत दी जाने वाली रिटर्न की समीक्षा करती है। इन योजनाओं में निवेश की एक लॉक-इन अवधि भी होती है, यानि उस अवधि तक आप अपनी जमा राशि नहीं निकाल सकते।

इन योजनाओं में निवेश से आप अपने बच्चों की शादी और पढ़ाई के लिए पैसे जुटा सकते हैं। रिटायरमेंट के लिए भी इन योजनाओं में निवेश किया जा सकता है। लोगों में बचत करने की आदत बनती है और अतिरिक्त आय का भी एक जरिया छोटी बचत योजनाएं बन जाती हैं।

केंद्र सरकार की भूमिका होने की वजह से इन योजनाओं में जोखिम कम होता है। छोटी बचत योजनाएं दूसरी योजनाओं की तुलना में थोड़ी सुरक्षित होती हैं। लंबे अवधि के लक्ष्यों के लिए इन योजनाओं में निवेश करने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं कि छोटी बचत योजनाओं के जरिए कहां निवेश कर सकते हैं और निवेश से कितना फायदा मिलेगा...

सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ)

पीपीएफ में निवेश सबसे ज्यादा सुरक्षित बताया जाता है। आयकर कानून की धारा 80सी के तहत पीपीएफ में निवेश और उस पर मिलने वाले ब्याज करमुक्त होता है। इस योजना की अवधि 15 साल होती है जिसे हर पांच साल में बढ़ाया जा सकता है।

पीपीएफ पर पहले 7.9 फीसद का ब्याज मिलता था जो अब घटकर 7.1 प्रतिशत हो गया है। कोरोना वायरस के चलते अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया। इस योजना में न्यूनतम पांच सौ रुपये से लेकर अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं।

नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस)

नेशनल पेंशन स्कीम की शुरुआत केंद्र सरकार ने की थी। इस योजना को शुरू करने के पीछे मुख्य कारण रिटायरमेंट के लिए तैयारी करना था। अगर रिटायरमेंट के लिए अभी से तैयारी करनी  है तो पेंशन स्कीम फायदेमंद होगी। 

रिटायरमेंट के बाद भी किसी व्यक्ति की मासिक आय आती रहे, इस उद्देश्य से एनपीएस की शुरुआत की थी। पांच सौ रुपये निवेश कर भी इस योजना का फायदा उठाया जा सकता है। योजना के तहत रिटायरमेंट के वक्त कर्मचारी को एकमुश्त राशि मिलेगी, जिससे रिटायरमेंट आपको बोझ नहीं लगेगा।

सुकन्या समृद्धि योजना 

लड़की के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत पहले 8.4 फीसद सालाना ब्याज मिलता था, जिसे अब घटाकर 7.6 फीसद कर दिया गया है लेकिन यह भी निवेश के लिए सुरक्षित योजना है।

अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस बेटी के लिए इस योजना में निवेश कर सकते हैं। योजना में न्यूनतम एक हजार और अधिकतम डेढ़ लाख की राशि जमा करने का प्रावधान है। इस योजना में कम के कम 14 साल तक निवेश करना होता है और इसकी परिपक्वता अवधि 21 साल है।

किसान विकास पत्र

देश के पोस्ट ऑफिस के जरिए इस योजना में निवेश कर सकते हैं। किसान विकास पत्र पर सालाना 7.6 फीसदी ब्याज मिलता था, जो अब 6.9 फीसदी रह गया है। इसके साथ ही पहले 113 महीने में मेच्योर होता था, जिसे अब 124 महीने कर दिया गया है।

योजना में न्यूनतम एक हजार की राशि निवेश कर सकते हैं और अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है। किसान विकास पत्र के जारी होने के 30 महीने बाद जमा की गई राशि की निकासी की जा सकती है। ये पत्र एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर किया जा सकता है।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना

यह योजना 60 या उससे ज्यादा उम्र वाले लोगों को लाभ देने के लिए शुरू की गई थी। सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर 8.6 फीसदी सालाना की दर से ब्याज मिलता था, जिसे अब घटाकर 7.4 फीसदी कर दिया गया है। 

इस योजना के तहत पांच साल के लिए निवेश किया जाता है। योजना में न्यूनतम एक हजार रुपये और अधिकतम 15 लाख रुपये की राशि जमा की जा सकती है। सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम के तहत निवेश पर टैक्स की छूट मिलती है।

राष्ट्रीय बचत पत्र 

यह योजना छोटी बचत योजनाओं में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। राष्ट्रीय बचत पत्र में गारंटी रिटर्न मिलता है और टैक्स से छूट भी दी जाती है। योजना में निवेश की अवधि पांच साल तक होती है। इस योजना पर पहले सालाना 7.9 फीसदी का ब्याज मिलता था जिसे घटाकर 6.8 फीसदी कर दिया गया है।

100 रुपये की न्यूनतम राशि से राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश कर सकते हैं। आयकर कानून की धारा 80सी के तहत योजना के तहत किए निवेश में टैक्स की छूट मिलती है। राष्ट्रीय बचत पत्र को अन्य बचत योजनाओं की तरह ट्रांसफर किया जा सकता है लेकिन एक बार ही ऐसा किया जा सकता है।

पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट

पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट में एक से पांच साल तक निवेश करने की सुविधा है। सरकार की तरफ से इस पर मिलने वाला ब्याज भी घटाया गया है। फिक्स्ड डिपॉजिट में जोखिम काफी कम होता है और रिटर्न की गारंटी रहती है। टाइम डिपॉजिट के जरिए एक, दो, तीन और पांच साल तक निवेश कर सकते हैं।
  • सेविंग डिपॉजिट पर चार फीसद की दर से ब्याज 
  • एक साल की टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसद ब्याज
  • दो साल की टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसद ब्याज
  • तीन साल की टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसद ब्याज
  • पांच साल की टाइम डिपॉजिट पर 6.7 फीसद ब्याज
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