रिजर्व बैंक ने सोने के बदले बैंक कर्ज के नियमों को सख्त कर दिया है। साथ ही सोने के आयात के नियम भी काफी कठोर कर दिए हैं।
अब सोने के आयात के लिए बैंक सिर्फ उन्हीं ज्वेलरों को सोने के आयात के लिए वित्त पोषण करेंगे जो आभूषणों का निर्यात करते हैं। इसके अलावा बैंक सिर्फ 50 ग्राम वजन तक के सोने के सिक्कों पर ही गोल्ड लोन देंगे।
सोने के आयात में बढ़ोतरी से चालू खाते का घाटा के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाने से परेशान सरकार को राहत देने के लिए रिजर्व बैंक सोने के आयात पर विस्तृत दिशा-निर्देश इसी माह जारी करेगा।
आरबीआई गवर्नर डी. सुब्बाराव ने बताया कि सोने पर गठित कार्यदल ने अपनी सिफरिशें सौंप दी हैं। उसने दूसरी वस्तुओं के आयात की तरह ही स्वर्ण आयात के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की आग्रह किया है।
फिलहाल रिजर्व बैंक ने कुछ बैंकों को सोना आयात करने की अनुमति दी हुई है। बैंक ऋण पत्र के माध्यम से कंसाइनमेंट के तौर पर सोने का आयात करते हैं।
इसके अलावा निर्यात करने वाली इकाइयां सीधे सोने का आयात करती हैं। रिजर्व बैंक इस तरह के स्वर्ण आयात में कमी लाने के के इरादे से मई के अंत तक दिशा-निर्देश जारी करेगा।
हालांकि इसमें स्वर्ण आभूषण निर्यातकों की मांग को पूरी करने को ध्यान में रखा जाएगा।