फ्री में ट्रांसफर होंगे पैसे
आरबीआई ने आम जनता को बड़ा तोहफा देते हुए फंड ट्रांसफर करने पर सभी तरह के लगने वाले चार्ज को हटाने का फैसला किया है। रेपो रेट में कमी करने के बाद यह फैसला भी आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा नीति ने लिया है। डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई ने यह कदम उठाया है।
आरबीआई जल्द ही बैंकों से यह फैसला लागू करने के लिए कहेगा। हाल ही में केंद्रीय बैंक ने आरटीजीएस का समय बढ़ाया कर शाम के छह बजे तक कर दिया था। इस सुविधा को जल्द ही 24 घंटे के लिए लागू किया जा सकता है।
ग्राहकों को होगा फायदा
अभी ज्यादातर बैंक रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) और नेशनल इलेक्ट्रिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) करने पर ग्राहकों से चार्ज वसूलते हैं। ऐसे में ग्राहकों के खाते से अतिरिक्त राशि कटती है। हालांकि अब आरबीआई के फैसले को बैंकों को मानना पड़ेगा, जिसका फायदा ग्राहकों को मिलेगा।
बदलेगा एटीएम का शुल्क
आम जनता द्वारा प्रयोग किए जाने वाले अन्य बैंकों के एटीएम पर लगने वाले शुल्क में बदलाव होगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने इसका गुरुवार को एलान करते हुए कहा कि शुल्क में बदलाव के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा गुरुवार को जारी हुई मौद्रिक समीक्षा नीति में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को घटाकर 5.75 फीसदी व बैंकों में आरटीजीएस और एनईएफटी में लगने वाले शुल्क को माफ कर दिया है।
तीन से पांच ट्रांजेक्शन होते हैं फ्री
देश के सभी बैंक हर महीने तीन से लेकर के पांच ट्रांजेक्शन अपने एटीएम पर मुफ्त देते हैं। वहीं अन्य बैंकों के एटीएम मुफ्त प्रयोग पर जगह के हिसाब से तय किया गया है। मुफ्त ट्रांजेक्शन की संख्या मेट्रो, नॉन मेट्रो और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग तय की गई है।