एक करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की जमाओं को ही 1 अप्रैल 2013 से बल्क डिपॉजिट माना जाएगा। बैंकों को छूट होगी कि वह ऐसी जमाएं लेते वक्त ग्राहकों से तय समय से पहले राशि न निकालने की शर्त रख सकें। रिजर्व बैंक के निर्देश के अनुसार कई बैंक 15 लाख रुपये या उससे ज्यादा की जमाओं को बल्क डिपॉजिट के रूप में मानकर समान अवधि पर अलग-अलग ब्याज दे रहे हैं।
यानी, 15 लाख रुपये से कम की जमाओं पर अलग जमा दर और उससे ज्यादा पर अलग जमा दर है। बैंक 1 अप्रैल से ऐसा नहीं कर सकेंगे। यह छूट उन्हें एक करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की जमाओं पर ही मिलेगी। बैंकों को ग्राहकों से बल्क डिपॉजिट लेते वक्त समय से पहले राशि न निकालने की शर्त रखने की छूट दी गई है।