भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को रेपो रेट तो घटाया नहीं, लेकिन आम आदमी की परेशानी और अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती को दूर करने के लिए तीन बड़ी घोषणाएं की हैं। इससे केंद्रीय बैंक को लगता है कि लोगों में खपत बढ़ेगी, जिससेे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब कोई भी व्यक्ति या फिर बैंक अथवा एनबीएफसी कंपनी किसी को भी ऑनलाइन 50 लाख तक का लोन दे सकेगी। पहले यह सीमा एक व्यक्ति के लिए 50 हजार रुपये थी, वहीं कंपनियों के लिए 10 लाख रुपये की सीमा थी। यह सुविधा केवल पीयर-टू-पीयर प्लेटफॉर्म पर मिलेगी। लोन के अलावा लोग इन प्लेटफॉर्म पर इतनी ही राशि का निवेश भी कर सकेंगे, जिनको ज्यादा रिटर्न की उम्मीद है। इसके लिए केंद्रीय बैंक जल्द ही दिशा-निर्देशों को जारी करेगा।
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि जल्द ही वो एक नया प्रीपेड कार्ड लॉन्च करने जा रही है, जिसका इस्तेमाल लोग शॉपिंग और अन्य दुकानों पर भुगतान के लिए कर सकेंगे। इस कार्ड में लोग एक बार में अधिकतम 10 हजार रुपये की राशि को लोड कर सकेंगे। हालांकि इस कार्ड में केवल बैंक खाते से ही पैसा लोड या फिर रि-लोड किया जा सकेगा। इस कार्ड का इस्तेमाल केवल डिजिटल तरीके से भुगतान के लिए किया जा सकेगा। इसके लिए आरबीआई 31 दिसंबर को अन्य दिशा-निर्देश जारी करेगा। यह एक मोबाइल वॉलेट की तरह होगा।
आरबीआई ने बैंकों से एटीएम की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए कहा है। इसके लिए बैंकों से कहा जाएगा कि वो थर्ड पार्टी जो एटीएम का सर्वर और स्विच एप्लीकेशन देखती हैं, उनके साथ अपने करार को बदलें। इसमें सॉफ्टवेयर में बदलाव, सर्विलांस, डाटा के स्टोरेज और एटीएम की निगरानी के लिए एक नया तंत्र विकसित करें। एटीएम में हो रहे फ्रॉड, क्लोनिंग और फिशिंग को रोकने के लिए सभी तरह के मुमकिन प्रयास करने होंगे।
केंद्रीय बैंक ने जीडीपी का अनुमान घटा दिया है। रेपो दर 5.15 फीसदी पर बरकरार रहेगी। तीन दिसंबर को मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू हुई थी और आज पांच दिसंबर को रेपो रेट की घोषणा हुई। बता दें कि केंद्रीय बैंक खुदरा महंगाई को ध्यान में रखते हुए प्रमुख नीतिगत दरों पर फैसला लेता है। इस साल रेपो दर में कुल 135 आधार अंकों की कटौती हुई है। नौ सालों में पहली बार रेपो रेट इतना कम है। मार्च, 2010 के बाद यह रेपो रेट का सबसे निचला स्तर है। रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी है बैंक रेट 5.40 फीसदी पर है।