आयकर विभाग ने इस वित्तीय वर्ष के शुरुआती आठ महीनों में करीब 2.10 करदाताओं को 1.46 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया है। यह पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा है।
आयकर विभाग के केंद्रीयकृत प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) ने पिछले साल अप्रैल से नवंबर के बीच पिछले साल 1.75 करोड़ लोगों को 1.19 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया था। रिफंड की राशि भी पिछले साल के मुकाबले 22.7 फीसदी ज्यादा है।
ज्यादातर करदाताओं को रिफंड सीधे उनके बैंक खातों में इलेक्ट्रोनिक तरीके से ट्रांसफर किया गया। इससे चेक से राशि देने का दौर भी खत्म हो गया है। आयकर विभाग ने चालू वित्त वर्ष के दौरान एक अप्रैल से लेकर 18 जून तक कुल 64,700 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया था।
2018-19 में करदाताओं को समय पर अपना इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की याद दिलाने के लिए 26.9 करोड़ एसएमएस और ई-मेल भेजे गए। छोटे करदाताओं सहित सभी करदाताओं के लिए रिफंड जारी करना सरकार की पहली प्राथमिकताओं में शामिल है। 0.5 फीसदी से भी कम आईटीआर को जांच के लिए चुना गया है। अधिकांश रिटर्न पर तेजी से कार्रवाई की गई है और रिफंड जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से आईटीआर की प्रक्रिया पूरी करने में लगने वाला समय लगातार कम हो रहा है।