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रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती, बैंक 0.15% घटाएं तो 30 लाख के होम लोन की किस्त 288 रु. घटेगी

Thu, 04 Apr 2019 11:59 AM IST
अनिल पांडेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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RBI Headquarter - फोटो : PTI
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रिजर्व बैंक ने गुरुवार को रेपो रेट 0.25% घटा दिया। अब यह 6% हो गई है। अगर बैंक कर्ज पर ब्याज दर 0.15% भी घटाएं तो 30 लाख रुपए के होम लोन की ईएमआई 288 रुपए कम हो जाएगी। 10 लाख रु. के कार लोन की किस्त 73 रुपए घटेगी।

इन लोन की ईएमआई पर पड़ेगा असर

जिन लोन की ईएमआई पर असर पड़ेगा उनमें होम, कार, पर्सनल, एजूकेशन लोन पर असर पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय अर्थव्यवस्था के जो हालात हैं, उसमें रेपो रेट की कटौती होना तय था।

दो दिन चली एमपीसी की बैठक

उल्लेखनीय है कि बैंकिंग क्षेत्र के नियामक रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति कमेटी -एमपीसी- की द्विमासिक समीक्षा बैठक बुधवार को शुरू हो चुकी है। इस पर आर्थिक जगत की इसलिए भी ज्यादा नजर है, क्योंकि यह चालू वित्त वर्ष की पहली समीक्षा बैठक है। 

काबू में है महंगाई दर

आर्थिक विश्लेषकों की बात करें या फिर क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की, उनका कहना है कि इस समय महंगाई की दर काबू में है। साथ ही इस समय औद्योगिक उत्पादन की गति भी कुछ कुंद है। इसलिए यह ब्याज दर में कटौती के लिए उपयुक्त समय है।

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इससे पहले, बीते फरवरी में रिजर्व बैंक ने रेपो दर में चौथाई फीसदी की कमी की थी जो कि पिछले डेढ़ साल में पहली कटौती थी। ज्ञातव्य है कि केंद्रीय बैंक द्वारा वाणिज्यिक बैंकों को अल्पावधि ऋण जिस ब्याज दर पर मुहैया करवाया जाता है उसे रेपो रेट कहते हैं। आरबीआई गवर्नर पहले ही शेयरधारकों, औद्योगिक निकायों, जमा संगठनों, बैंकर और एमएसएमई प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनका पक्ष ले चुके हैं।  

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इतनी कम होगी आपकी ईएमआई

होम लोन राशि--25 लाख रुपये
अवधि---20 साल
  कटौती से पहले कटौती के बाद
ब्याज दर 8.75 फीसदी 8.50 फीसदी
लोन ईएमआई 21,696 रुपये 20,093 रुपये
कुल ब्याज राशि 28,02,264 27,06,939
कुल लोन 53,02,264 52,06,939
बचत 00000000 95,325

उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष राजीव तलवार का कहना है कि रिजर्व बैँक के इस फैसले से बाजार में कर्ज मिलना सस्ता होगा जिसका दीर्घकालीन असर मांग बढ़ने से पड़ेगा। जब अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी तो उद्योग जगत में उत्पादन बढ़ेगा और जब उत्पादन बढ़ेगा तो अर्थव्यवस्था की विकास दर तेज होगी। 

उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ -सीआईआई- के अध्यक्ष राकेश भारती मित्तल का कहना है कि यह फैसला रिजर्व बैंक केउदार रूख का परिचायक है। यह सही दिशा में उठाया गया कदम है। इससे बैंकों से मिलने वाले लोन पर ब्याज दर में कमी होगी।ब्याज दर में कमी होने से बाजार में वस्तु एवं सेवाओं की मांग में बढ़ोतरी होगी। इससे दीर्घकाल में अर्थवयवस्था में निवेश केवातावरण में भी बेहतरी होगी।
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