इस साल आईपीओ के जरिए अक्तूबर तक 52 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई गई है। साल के आखिरी महीने में भी लगातार बड़ी कंपनियों के आईपीओ आ रहे हैं। ऐसा ही एक आईपीओ रेटगेन ट्रैवल का है जो आज सब्क्रिप्शन के लिए खुला है। पेटीएम और स्टारहेल्थ से निराश हुए निवेशकों के लिए ये पैसा कमाने का अच्छा विकल्प हो सकता है। आइए जानते हैं इस आईपीओ से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां।
375 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे
हाल ही में आए पेटीएम, स्टारहेल्थ और आनंद राठी ग्रुप के आईपीओ ने निवेशकों को खासा निराश किया है, लेकिन अभी पिक्चर खत्म नहीं हुई। साल के आखिरी महीने में लगातार कंपनियां अपने आईपीओ पेश कर रही हैं। इस फेहरिस्त में नया नाम जुड़ा है रेटगैन ट्रैवल कंपनी के आईपीओ का। यह हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रैवल इंडस्ट्री की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर ऐज अ सर्विस (SaaS) कंपनी है। यह आईपीओ आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है। इसके जरिए कंपनी की योजना 1336 करोड़ जुटाने की है। कंपनी इस ऑफर के तहत 375 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी।
35 शेयरों का होगा आईपीओ का लॉट
आईपीओ के जरिए रेटगेन ट्रैवल 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले लगभग 31,441,282 इक्विटी शेयर बेचेगा। पिछले कुछ दिनों में ग्रे मार्केट में रेटगेन के शेयर 100 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे। इस आईपीओ के तहत, 375 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे, वहीं कंपनी के शेयरधारकों के द्वारा 961 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत की जाएगी।
रिटेल निवेशकों के लिए 10 फीसदी हिस्सा
आईपीओ के इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के लिए आरक्षित है, जबकि 15 फीसदी हिस्सा हाई नेट वर्थ वाले निवेशकों के लिए रखा गया है। इसके अलावा शेष 10 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित किया गया है। इश्यू के बाद प्रमोटर भानु चोपड़ा, मेघा चोपड़ा और ऊषा चोपड़ा की हिस्सेदारी मौजूदा 67.3 फीसदी से घटकर 56.6 फीसदी हो जाएगी, जबकि कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 32.7 फीसदी से बढ़कर 43.4 फीसदी हो जाएगी।
इतना रखा गया है प्राइस बैंड
निवेशक आईपीओ के लिए 405 से 425 रुपये प्रति शेयर के फिक्स्ड प्राइस बैंड में 35 इक्विटी शेयरों की बोली लगा सकते हैं। इसके लिए कम से कम 14,875 रुपये का निवेश करना होगा। यह आईपीओ 9 दिसंबर को बंद होगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की योजना अपने शेयरों को 17 दिसंबर को स्टॉक मार्केट में लिस्ट करने की है।