सरकार ने पीपीएफ खाते पर सालाना ब्याज 8 फीसदी से बढ़ाकर 8.6 फीसदी कर दिया है। साथ ही सरकार ने पीपीएफ खाते में सालाना निवेश की रकम 70 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है। वहीं पोस्ट ऑफिस बचत खाते में ब्याज 3.5 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया है।
निवेश विशेषज्ञों के मुताबिक छोटे निवेशक पीपीएफ खाते में पैसा लगाकर अब अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं। वहीं पोस्ट ऑफिस बचत खातों पर भी सरकार ने ब्याज दर बढ़ाया है, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
रिटर्न की गारंटी
पीपीएफ एक बेहद सुरक्षित निवेश है और इसमें फिक्स रिटर्न की पूरी गारंटी होती है। अब इस खाते में निवेश की सीमा सरकार ने 70 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी है, जिससे निवेशकों का इसकी ओर रुझान बढ़ेगा।
पोर्टफोलियो में रखें पीपीएफ
निवेशकों के लिए हमेशा यह उलझन होती है कहां निवेश करें ताकि रिटर्न अच्छा मिल सके। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में पीपीएफ जरूर रखना चाहिए। रिटर्न के लिहाज से यह सबसे अच्छा विकल्प है। सरकार के इस कदम से लोगों का पीपीएफ की ओर रुझान बढ़ेगा और निवेश के लिहाज से इसकी अहमियत भी बढ़ जाएगी।
शुरुआत से करें निवेश
पीपीएफ खाते में निवेश एक बेहद सरल और सुरक्षित निवेश है। निवेशकों को अपनी नौकरी की शुरुआत के साथ ही पीपीएफ में निवेश करना शुरू कर देना चाहिए। पीपीएफ खाते की सीमा 15 साल तक होती है। वहीं अब इसमें निवेश की सीमा भी बढ़ा दी गई है। ऐसे में छोटे निवेशक अपनी क्षमता के अनुसार से इसमें निवेश कर बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं।
कौन खोल सकता है खाता
कोई भी शख्स पीपीएफ खाते को अपने नाम से खोल सकता है। हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) खुद कोई पीपीएफ खाता नहीं खोल सकते, लेकिन आयकर की धारा 80 सी के तहत एचयूएफ अपने परिवार के किसी सदस्य के पीपीएफ खाते में निवेश कर उस राशि को कर मुक्त करने का फायदा उठा सकता है। अविभाजित हिंदू परिवारों में किसी नाबालिग के नाम पर उसके अभिभावक भी अकाउंट खोल सकते हैं।
कैसे खोलें पीपीएफ खाता
पीपीएफ खाता खोलने के लिए आपको केवल दो पेज का सरल सा एप्लीकेशन फॉर्म भरना है और प्रारंभिक निवेश की रकम चेक से या नकद देनी है। एकाउंट खोलने के लिए आपके दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, पैन (परमानेंट एकाउंट नंबर) और एड्रेस प्रूफ की जरूरत होगी। यदि आपके पास पैन कार्ड नहीं है, तो आप राशन कार्ड की सत्यापित फोटोकॉपी, मतदाता पहचान पत्र या पासपोर्ट का भी उपयोग कर सकते हैं। यदि आप अपने अवयस्क बेटे या बेटी के नाम पर यह एकाउंट खोलते हैं तब आपको इसके लिए उनके जन्म प्रमाणपत्र की भी आवश्यकता होगी।
कहां खोलें अकाउंट
पीपीएफ खाते को डाकघर के अलावा भारतीय स्टेट बैंक या उसके सहयोगी बैंकों में खोला जा सकता है। इसके अलावा कुछ बैंक इसके लिए अधिकृत हैं। एमआईएस और एनएससी जैसी स्माल सेविंग स्कीम की तरह ही पोस्ट ऑफिस में पीपीएफ की सुविधा भी उपलब्ध है।
खाते का पीरियड कितना
पीपीएफ स्कीम 15 साल के लिए होती है। इसमें 16 साल तक लगातार निवेश करना होता है।
रकम की निकासी कैसे होगी
पीपीएफ अकाउंट खोलने के सातवें साल से आप साल में एक बार 50 फीसदी रकम निकाल सकते हैं। ये रकम तत्काल पहले के कारोबारी साल या उससे 4 साल पहले खाते में मौजूद रकम (जो भी कम हो) में से आधी होगी।
मैच्योरिटी कब होगी
पीपीएफ खाता 15 साल के लिए खोला जाता है। अगर आप तब तक रकम नहीं निकालते हैं, तो पूरा पैसा मिल जाता है।
लोन की सुविधा
पीपीएफ खाते में जमा रकम पर तीसरे कारोबारी साल से लोन लिया जा सकता है।
टैक्स छूट
पीपीएफ का ब्याज पूरी तरह करमुक्त है। इसके अलावा पीपीएफ खाते में किए गए निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स छूट उपलब्ध है। 80 सी के तहत मिलने वाली एलआईसी और यूलिप आदि की छूट के साथ इसकी भी गणना की जाती है।