जस्टिस एके माथुर ने वित्त मंत्री अरूण जेटली को सातवें वेतनमान आयोग की रिपोर्ट सौंप दी है। सातवें वेतनमान आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक 23.5 फीसदी वेतन बढ़ेगा। इसके अलावा पेंशन धारकों को भी तोहफा मिला है। रिपोर्ट में पेंशन को 24 फीसदी बढ़ाने की संस्तुति की गई है। यह रिपोर्ट 900 पेज की है।
भत्तों में 63 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक न्यूनतम वेतन अब 18,000 रूपए से कम नहीं होगा। कुल 47 लाख लोगों को इसका फायदा मिलेगा। सातवें वेतनमान आयोग की संस्तुतियां 1 जनवरी, 2016 से लागू होंगी।
सातवें वेतनमान आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए और अधिकतम वेतन 2,25,000 रुपए हो जाएगा। सातवें वेतनमान आयोग की रिपोर्ट लागू करने पर सरकार के ऊपर रुपए 1,02,000 करोड़ का बोझ पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक सभी लोगों को एक समान पेंशन देने की बात कही गई है।
सातवें वेतन आयोग के तहत की गई ये बढ़ोतरी 1 जनवरी 2016 से लागू होगी। वेतन आयोग ने यह रिपोर्ट न्यायमूर्ति एके माथुर की अगुवाई में तैयार की है। आयोग के सदस्यों में इसमें 1978 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी विवेक राय और अर्थशस्त्री रथिन राय भी हैं।
ऐसे समझें
अगर केंद्र सरकार के किसी कर्मचारी का वेतन सभी भत्तों समेत 50 हजार रुपए है, तो इस बढ़ोतरी के बाद उसका वेतन 11,500 (50 हजार का 23 प्रतिशत) रुपए बढ़ जाएगा। इस तरह से उस कर्मचारी का कुल वेतन 61,500 (50,000+11,500) रुपए हो जाएगा।