पासपोर्ट बनावाने में लगने वाले लंबे समय और वेरिफिकेशन से जल्द ही आपको छुटकारा मिल सकता है। सरकार पासपोर्ट वेरिफिकेशन को जल्द ही ऑनलाइन करने वाली है। इसके लिए सरकार अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम परियोजना (सीसीटीएनएस) को विदेश मंत्रालय की पासपोर्ट सेवा के साथ जोड़ेगी।
सोमवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत कर दी है। ये प्रोजेक्ट लगभग एक साल में पुलिस द्वारा खुद जाकर पासपोर्ट आवेदकों की सत्यापन करने की व्यवस्था की जगह लेगा।
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हालांकि ये प्रोजेक्ट देर से शुरु हुआ, इसे पहली बार मंजूरी 2009 में ही मिल गई थी। इसकी शुरुआत गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा डिजिटल पुलिस पोर्टल की लॉन्चिंग के साथ हुई। इस डिजिटल पोर्टल से देश के 15,398 पुलिस स्टेशन से जुड़े हुए हैं। जो नागरिकों को अपराध की रिपोर्ट करने और ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा मुहैया करता है।
इसके साथ ही यह पोर्टल पुलिस को भी जांच में मदद करेगा। सोमवार को राजनाथ सिंह ने अपने ट्वीट में कहा कि पुलिस पोर्टल नागरिकों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और पूर्व में की गई शिकायतों के सत्यापन में मदद करेगा। इसके साथ ही यह पोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' के भी मदद करेगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि '15, 398 थानों में से कुल 13,775 थानों को सीसीटीएनएस से जोड़ा गया है। अबतक सीसीटीएनएस के जरिए सात करोड़ से ज्यादा क्रिमिनल मामलों का रिकॉर्ड दर्ज है। यह पीएम मोदी के मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस के सपने को साकार करेगा।'