अंशधारक योगदान अवधि के दौरान अधिकतम तीन बार धन की निकासी कर सकते हैं। पीएफआरडीए के अनुसार, अंशधारकों को एनपीएस खाते से जिन निर्धारित मकसद के लिए धन निकालने की छूट होगी, उसमें बच्चों की उच्च शिक्षा और शादी शामिल है। रिहायशी मकान या फ्लैट खरीदने के लिए भी निकासी की अनुमति होगी।
पैतृक संपत्ति होने पर नहीं मिलेगी अनुमति
पीएफआरडीए ने कहा है कि अगर अंशधारक के पास पैतृक संपत्ति को छोड़कर व्यक्तिगत रूप से या संयुक्त नाम पर कोई रिहायशी मकान या फ्लैट है, तो निकासी की अनुमति नहीं होगी।' इसके अलावा कैंसर, किडनी खराब होने तथा हृदय रोग जैसी बीमारियों के लिये कोष निकाला जा सकता है। एनपीएस सरकार का प्रमुख सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम है। इससे पहले, 10 साल के योगदान से पहले आंशिक निकासी नहीं करने का नियम था।