फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब भारतीय मूल के विदेशी नागरिक भी कर सकेंगे एनपीएस में निवेश

Thu, 31 Oct 2019 03:24 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

किसी समय भारतीय रहे दूसरे देशों के नागरिक भी अब राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में निवेश कर सकेंगे। भारतीय पेंशन कोष विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की तर्ज पर भारत के विदेशी नागरिक (ओसीआई) को एनपीएस में नामांकन और टियर 1 खाता खुलवाने के लिए मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी पीएफआरडीए परिचालित एनपीएस योजना के लिए दी गई है। इसका मतलब है कि ओसीआई को भी अब भारत में निवेश का मौका मिलेगा। वर्ष 2015 में पीएफआरडीए ने एनपीएस प्वाइंट ऑफ प्रिजेंस (पीओपी) से कहा था कि ओसीआई को एनपीएस खाता खोलने की अनुमति नहीं दी जाए। इस संबंध में पीएफआरडीए ने हाल में एक सर्कुलर भी जारी किया है।

विज्ञापन


हालांकि सर्कुलर के तहत, ओसीआई और एनआरआई दोनों को एनपीएस टियर 2 खाता खुलवाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे पहले एनआरआई को सिर्फ ऑफलाइन मोड में ही एनपीएस में निवेश की अनुमति थी। वर्ष 2016 में एनआरआई को ईएनपीएस के माध्मय से एनपीएस में ऑनलाइन निवेश करने की अनुमति दे दी गई थी।

इससे पहले सरकार ने आर्थिक मामलों के विभाग के विदेशी विनियम प्रबंधन (गैर कर्ज साधनों) नियमों, 2019 को लचीला कर दिया था और उल्लेख किया था कि ओसीआई अब पीएफआरडीए द्वारा प्रशासित और परिचालित एनपीएस में खाता खुलवा सकते हैं। पात्र ओसीआई अब पीएफआरडीए के प्रावधानों के तहत निवेश कर सकेंगे और स्वदेश भेजी जाने वाली वार्षिकी और संचित धन पर फेमा के दिशा-निर्देश लागू होंगे। वहीं खाताधारक को अपने एनआरई/एफसीएनआर/एनआरओ खाते के माध्यम से ही धनराशि भेजनी होगी।

ओसीआई योजना के लिए कौन हैं पात्र

सर्कुलर के मुताबिक, निम्नलिखित श्रेणियों के लोग (पाकिस्तान और बांग्लादेश को छोड़कर) ओसीआई योजना के लिए पात्र हैं-

  • जो किसी अन्य देश का नागरिक है, लेकिन किसी समय या संविधान लागू होने के बाद किसी समय भारत का नागरिक रहा था
  • जो किसी अन्य देश का नागरिक है, लेकिन संविधान लागू होने के बाद किसी समय भारत का नागरिक बनने का पात्र था
  • जो किसी अन्य देश का नागरिक है, लेकिन एक ऐसे क्षेत्र से संबंधित है जो 15 अगस्त, 1947 के बाद भारत का हिस्सा बन गया था
  • वह ऐसे किसी नागरिक की संतान या पोता या पड़पोता है।

क्या है एनपीएस ?

एनपीएस के सेवानिवृत्ति पर केंद्रित बाजार-संबद्ध योजना है, जिसमें निवेशक को दीर्घकाल के लिए शेयर और कर्ज संपदा श्रेणियों का फायदा उठाने का मौका मिलता है। 60 वर्ष की उम्र में परिपक्वता पर मिलने वाली 60 फीसदी धनराशि को कर से छूट मिलती है और इसकी निकासी को मंजूरी होती है। एनपीएस खाताधारक को शेष 40 फीसदी धनराशि पर भी कोई कर नहीं चुकाना होता है, क्योंकि इसे जीवनकाल के लिए वार्षिकी खरीदने या पेंशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

कब चुकाना पड़ता है कर

हालांकि साल में मिलने वाली वार्षिकी करयोग्य होती है, क्योंकि यह व्यक्ति की वर्ष की आय में जुड़ जाती है। वहीं एनपीएस में किया गया 50 हजार रुपये तक अंशदान आयकर कानून की धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत अतिरिक्त कर कटौती का पात्र है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें