किसी समय भारतीय रहे दूसरे देशों के नागरिक भी अब राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में निवेश कर सकेंगे। भारतीय पेंशन कोष विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की तर्ज पर भारत के विदेशी नागरिक (ओसीआई) को एनपीएस में नामांकन और टियर 1 खाता खुलवाने के लिए मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी पीएफआरडीए परिचालित एनपीएस योजना के लिए दी गई है। इसका मतलब है कि ओसीआई को भी अब भारत में निवेश का मौका मिलेगा। वर्ष 2015 में पीएफआरडीए ने एनपीएस प्वाइंट ऑफ प्रिजेंस (पीओपी) से कहा था कि ओसीआई को एनपीएस खाता खोलने की अनुमति नहीं दी जाए। इस संबंध में पीएफआरडीए ने हाल में एक सर्कुलर भी जारी किया है।
सर्कुलर के मुताबिक, निम्नलिखित श्रेणियों के लोग (पाकिस्तान और बांग्लादेश को छोड़कर) ओसीआई योजना के लिए पात्र हैं-
एनपीएस के सेवानिवृत्ति पर केंद्रित बाजार-संबद्ध योजना है, जिसमें निवेशक को दीर्घकाल के लिए शेयर और कर्ज संपदा श्रेणियों का फायदा उठाने का मौका मिलता है। 60 वर्ष की उम्र में परिपक्वता पर मिलने वाली 60 फीसदी धनराशि को कर से छूट मिलती है और इसकी निकासी को मंजूरी होती है। एनपीएस खाताधारक को शेष 40 फीसदी धनराशि पर भी कोई कर नहीं चुकाना होता है, क्योंकि इसे जीवनकाल के लिए वार्षिकी खरीदने या पेंशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि साल में मिलने वाली वार्षिकी करयोग्य होती है, क्योंकि यह व्यक्ति की वर्ष की आय में जुड़ जाती है। वहीं एनपीएस में किया गया 50 हजार रुपये तक अंशदान आयकर कानून की धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत अतिरिक्त कर कटौती का पात्र है।