एक जनवरी, 2020 से सभी तरह के गैर-जीवन बीमा का प्रीमियम 10-15 फीसदी बढ़ सकता है। बीमा कंपनियां रीइंश्योरेंस में बढ़ाई गई राशि का भार ग्राहकों पर डालने की तैयारी कर रही हैं। इसके दायरे में नई और पुरानी दोनों बीमा पॉलिसी आएंगी जिसमें व्यक्तिगत या सामूहिक बीमा शामिल होगा।
ग्राहकों का बढ़ेगा प्रीमियम
मामले से जुड़े स्रूत्रों का कहना है कि कंपनियों को बीमा कवर सुरक्षित बनाने के लिए कुछ राशि का भुगतान करना पड़ता है। अगले साल से समान जोखिम सुरक्षा के लिए कंपनियों को ज्यादा राशि का भुगतान करना होगा। ऐसे में इस बढ़ी राशि का बोझ प्रीमियम के रूप में ग्राहकों पर डाल दिया जाता है।
एक जनवरी से रीइंश्योरेंस के अनुबंधों का नवीनीकरण किया जाएगा, जिसके बाद यह राशि बढ़ जाएगी। इसके अलावा इस कारोबार में जोखिम ज्यादा होने से कंपनियों को गैर-जीवन बीमा पॉलिसी को रिइंश्योर्ड कराना पड़ता है। यानी उन्हें खुद के लिए भी एक बीमा कवर लेना पड़ता है, जिससे उनकी कुल लागत बढ़ जाती है। जनरल इंश्योरेंस क्षेत्र की कंपनियों का कहना है कि प्रीमियम तय करने में घरेलू और वैश्विक दोनों कारकों का प्रभाव पड़ता है, क्योंकि उन्हें जोखिम सुरक्षा उपलब्ध कराने वाली अधिकतर कंपनियां वैश्विक होती हैं।
इन पर बढ़ेगी ज्यादा राशि
सूत्रों का कहना है कि वाहन बीमा के अलावा दायित्व बीमा, अग्नि बीमा और ग्रुप स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम में 15 फीसदी तक उछाल आ सकता है। हालांकि, कई कंपनियां अपने ग्राहकों को दाम में छूट देना जारी रख सकती हैं। बीमाधारक की ओर से बड़े क्लेम किए जाने की वजह से कई बार कंपनियों को घाटा होता है। यही कारण है कि जनरल इंश्योरेंस में कंपनियां ज्यादा राशि चार्ज करती हैं। गैर-जीवन बीमा में होम, ऑटो, ट्रैवल, हेल्थ जैसे क्षेत्र आते हैं।