निवेशकों ने अक्तूबर माह के दौरान विभिन्न म्यूचुअल फंडों में करीब 47,000 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह छह माह में सबसे अधिक शुद्ध निवेश रहा। सेबी से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंडों ने कुल 5,92,871 करोड़ रुपये जुटाए, जबकि उनका प्रतिदान 5,46,151 करोड़ रुपये का रहा। इस तरह म्यूचुअल फंडों में शुद्ध निवेश 46,720 करोड़ रुपये का रहा। अप्रैल के बाद यह सबसे अधिक निवेश रहा। अप्रैल में निवेशकों ने म्यूचुअल फंड योजनाओं में 92,746 करोड़ रुपये लगाए थे। सितंबर में म्यूचुअल फंड स्कीमों से शुद्ध निकासी 51,907 करोड़ रुपये की थी।
हालांकि, अक्तूबर में म्यूचुअल फंडों द्वारा सेकेंडरी स्टॉक मार्केट में किया गया निवेश भारी गिरावट के साथ 14,478 करोड़ रुपये पर रहा। इससे पिछले माह यह आंकड़ा 46,911 करोड़ रुपये था। म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशकों से पूंजी जुटाने के बाद उसे स्टॉक, आईपीओ और बांड सहित बाजार के विभिन्न सेगमेंट में लगाती हैं।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ सप्ताह में म्यूचुअल फंडों में पूंजी की शुद्ध आवक बढ़ सकती है। हाल ही में सरकार और बाजार नियामक सेबी ने देश में इक्विटी निवेश के प्रति निवेशकों को फिर से सक्रिय करने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इससे खुदरा निवेशकों का निवेश सोने की बजाय चरणबद्ध तरीके से स्टॉक, म्यूचुअल फंड और ढांचागत सेक्टरों में बढ़ाने में मदद मिलेगी।
डेस्टिमनी सिक्यूरिटीज के सीईओ एवं एमडी सुदीप बंधोपाध्याय का कहना है कि बाजार की मौजूदा स्थिति और सेबी की ओर से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को रफ्तार देने के लिए व्यापक पैमाने पर उठाए गए सुधारात्मक कदमों से इक्विटी बाजार में म्यूचुअल फंडों का निवेश बढ़ेगा। इसके अलावा, राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम के जरिए स्टाक मार्केट और म्यूचुअल फंड अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित कर पाएंगे। हालांकि, पहली दफा निवेश करने वालों के लिए यह योजना शुरुआत में पेचीदा लग सकती है।