एनपीए के मामले में नहीं मिलेगा लाभ
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार योजना का लाभ 31 मार्च 2020 तक बकाए कर्ज पर मिलेगा। यह लाभ गैर-निष्पादित परंसपत्ति (एनपीए) के मामले में नहीं मिलेगा। इसमें कहा गया है, 'ब्याज सहायता उन महीनों के लिए मिलेगी जब खाता एनपीए नहीं बना। एनपीए बनने के बाद अगर खाता फिर से निष्पादित परंसिपत्ति बनी है तो उसे संबंधित महीने का लाभ मिलेगा।'
आठ अप्रैल 2015 को की थी शुरुआत
बयान के अनुसार इस कदम से उन लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा जो नियमित तौर पर कर्ज लौटाते हैं। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) से संबंधित इस योजना की घोषणा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ अप्रैल 2015 को पीएमएमवाई की शुरुआत की थी।
10 लाख रुपये तक का मिलता है कर्ज
इसके तहत 10 लाख रुपये तक का कर्ज लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों को दिया जाता है। मुद्रा कर्ज के नाम से चर्चित यह ऋण वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, छोटी राशि के कर्ज कर्ज देने वाले संस्थान (एमएफआई) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां देती हैं। योजना का क्रियान्वयन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) करेगा और यह 12 महीने के लिए लागू होगा।
इस तारीख तक उठा सकते हैं लाभ
जिन कर्जदाताओं ने कोविड-19 नियामकीय पैकेज के तहत आरबीआई द्वारा कर्ज लौटाने को लेकर दी गई मोहलत का लाभ लिया है, उनके लिए योजना उस अवधि के समाप्त होने के बाद लागू होगी। यानी वैसे कर्जदाताओं के लिए यह योजना एक सितंबर 2020 से 31 अगस्त 2021 तक के लिए होगी। अन्य कर्जदाताओं के लिए योजना एक जून 2020 से 31 मई 2021 तक के लिए होगी।
जानिए किसे मिलेगा मुद्रा लोन
इस योजना के तहत कर्ज लेने वालों को तीन वर्गों में बांटा गया है। इसमें व्यवसाय शुरू करने वालें मध्यम स्थिति में कर्ज की चाहत वाले और विकास के अगले स्तर पर जाने की चाहत रखने वाले लोग शामिल हैं। इन तीन हिस्सों की जरूरतों को पूरा करने के लिए मुद्रा बैंक ने तीन कर्ज उपकरणों की शुरुआत की है।
- शिशु : इसके दायरे में 50 हजार रुपये तक के कर्ज आते हैं।
- किशोर : इसके दायरे में 50 हजार से पांच लाख रुपये तक के कर्ज आते हैं।
- तरुण : इसके दायरे में पांच लाख से 10 लाख रुपये तक के कर्ज आते हैं।