टैक्स से जुड़ी ये गलतियां करने से बचें
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करदाता टैक्स बचाने के लिए कोई ना कोई उपाय सोचते रहते हैं। वैसे तो करदाताओं को अपनी इनकम पर टैक्स देना ही होता है, लेकिन कई बार वे इसे कम करने के लिए अपनी इनकम का कुछ हिस्सा या कोई संपत्ति जिससे इनकम होती है, अपने जीवनसाथी या नाबालिक बच्चों के नाम ट्रांसफर कर देते हैं। ऐसी स्थितियों के लिए इनकम टैक्स एक्ट में क्लबिंग ऑफ इनकम का प्रावधान लागू किया गया है। ऐसा करने पर आयकर विभाग आपके खिलाफ टैक्स चोरी की कार्यवाही कर सकता है। आइए जानते हैं कैसे-
उदाहरण से समझें
अगर आप कम टैक्स का भुगतान करने के लिए अपनी संपत्ति पत्नी या नाबालिक बच्चों के नाम ट्रांसफर कर देते हैं, तो भी यह आय आपकी कुल आय में शामिल की जा सकती है। करदाता उस आय पर भी टैक्स देने के लिए उत्तरदायी होते हैं क्योंकि इसपर क्लबिंग के प्रावधान लागू होंगे। अगर किसी संपत्ति का खंडन करने योग्य ट्रांसफर किया जाता है, तो उससे होने वाली आय करदाता की कुल आय में शामिल की जाती है।
आगे जानते हैं क्लबिंग से बचने का उपाय और विभिन्न प्रावधानों के बारे में।