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इन चार तरीकों से आप कर सकते हैं अपने बेहतर भविष्य के लिए बढ़िया सेविंग

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Thu, 11 Jul 2019 06:26 PM IST
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मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सेविंग करना आसान नहीं है। कब उनकी सारी सैलरी खर्च हो जाती है पता ही नहीं चलता। कम पैसे खर्च करने की पूरी कोशिश के बावजूद मध्यमवर्गीय परिवार पैसा नहीं बचा पाते। लेकिन अगर सही फाइनेंशियल प्लानिंग की जाए तो आप अपने भविष्य के लिए पैसे जमा कर सकते हैं। इसलिए आज हम आपको ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप सेविंग कर सकेंगे।

सैलरी का 80 फीसदी ही करें खर्च

फाइनेंशियल प्लानर्स की मानें तो किसी भी व्यक्ति को अपनी सैलरी का 80 फीसदी ही खर्च करना चाहिए। फेस्टिव सीजन के दौरान अगर किसी ने ज्यादा शॉपिंग की है और घर का बजट गड़बड़ा गया है तो घबराने की बात नहीं हैं। जो पैसा आपने सेविंग के लिए जमा किया हुआ है, उसको आप एक लिमिट में निकालकर अपने खर्च को बिगड़ने से बचा सकते हैं।

पैसों की कमी होने पर करें आरडी का इस्तेमाल

अगर आपके पास फंड की कमी हो गई है और आप उधार नहीं लेना चाहते हैं, तो इसको आप अपने पुराने किए हुए निवेश से भी पूरा कर सकते हैं। इसके लिए रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। वहीं अगर आपका ऐसा कोई खाता नहीं है और आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आप इससे भी पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन आपको इससे पैसा निकालने पर बहुत ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा। हो सके तो क्रेडिट कार्ड से निकाले गए पैसे का जल्द से जल्द भुगतान भी कर दें।

आरडी में निवेश कर आपको साधारण बचत खातों से ज्यादा ब्याज मिल सकता है। बचत खातों में आमतौर पर 3.5 से चार फीसदी रिटर्न मिलता है। वहीं आरडी में आपको सात से आठ फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है। खास बाद यह है कि आरडी के जरिए आपका पैसा सुरक्षित रहता है। 

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मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सेविंग करना आसान नहीं है। कब उनकी सारी सैलरी खर्च हो जाती है पता ही नहीं चलता। कम पैसे खर्च करने की पूरी कोशिश के बावजूद मध्यमवर्गीय परिवार पैसा नहीं बचा पाते। लेकिन अगर सही फाइनेंशियल प्लानिंग की जाए तो आप अपने भविष्य के लिए पैसे जमा कर सकते हैं। इसलिए आज हम आपको ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप सेविंग कर सकेंगे।

सैलरी का 80 फीसदी ही करें खर्च

फाइनेंशियल प्लानर्स की मानें तो किसी भी व्यक्ति को अपनी सैलरी का 80 फीसदी ही खर्च करना चाहिए। फेस्टिव सीजन के दौरान अगर किसी ने ज्यादा शॉपिंग की है और घर का बजट गड़बड़ा गया है तो घबराने की बात नहीं हैं। जो पैसा आपने सेविंग के लिए जमा किया हुआ है, उसको आप एक लिमिट में निकालकर अपने खर्च को बिगड़ने से बचा सकते हैं।

पैसों की कमी होने पर करें आरडी का इस्तेमाल

अगर आपके पास फंड की कमी हो गई है और आप उधार नहीं लेना चाहते हैं, तो इसको आप अपने पुराने किए हुए निवेश से भी पूरा कर सकते हैं। इसके लिए रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। वहीं अगर आपका ऐसा कोई खाता नहीं है और आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आप इससे भी पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन आपको इससे पैसा निकालने पर बहुत ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा। हो सके तो क्रेडिट कार्ड से निकाले गए पैसे का जल्द से जल्द भुगतान भी कर दें।

आरडी में निवेश कर आपको साधारण बचत खातों से ज्यादा ब्याज मिल सकता है। बचत खातों में आमतौर पर 3.5 से चार फीसदी रिटर्न मिलता है। वहीं आरडी में आपको सात से आठ फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है। खास बाद यह है कि आरडी के जरिए आपका पैसा सुरक्षित रहता है। 

एसआईपी से होगा मोटा मुनाफा

बात जब निवेश की आती है तो हमारे दिमाग में सबसे पहले शेयर बाजार आता है। लेकिन कई लोग शेयर बाजार में निवेश करने से डरते हैं क्योंकि उसमें पैसे डूबने की शंका होती है। इसलिए आजकल लोगों ने सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में निवेश करना शुरू कर दिया है। एसआईपी के माध्यम से लोगों को मोटा मुनाफा होता है।

ऐसे काम करता है एसआईपी

एसआईपी के माध्यम से आपके लिए अपनी जरूरतें पूरी करना आसान हो जाएगा और आपका भविष्य संवर जाएगा। दरअसल एसआईपी निर्धारित दिन आपकी पसंदीदा म्यूचुअल फंड स्कीम में पहले से तय राशि आपके बैंक खाते से लेकर निवेश कर देता है। भले ही शेयर बाजार में तेजी हो या मंदी, एसआईपी म्यूचुअल फंड में निवेश जारी रखता है। अब जानते हैं कि आप एसआईपी के माध्म से दो करोड़ रुपये कैसे जमा कर सकते हैं। 

कई कंपनियों में होता है निवेश

एसआईपी में निवेश करने का लाभ यह होता है कि इसमें आपका पैसा अगल-अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश किया जाता है। ऐसे में आपको काफी मुनाफा होता है। बता दें कि एसआईपी सेबी और एएमएफआई द्वारा बनाए गए नियमों के तहत काम करता है।
 

कंपनी डिपॉजिट में भी कर सकते हैं बचत

गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में निवेश भी आपके लिए अच्छा माध्यम साबित हो सकता है। एनबीएफसी और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले कंपनी डिपॉजिट में पैसा जमा करना आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। बैंक डिपॉजिट की तुलना में कंपनी डिपॉजिट से आपको ज्यादा ब्याज मिलता है। 

बता दें कि डिपॉजिट के जरिए पैसे जुटाकर कंपनियां अपना कारोबार बढ़ाती हैं। कंपनियों के लिए यह एक तरह का अनसिक्योर्ड लोन होता है। यानी डिफॉल्ट की स्थिति में निवेशकों को कोई गारंटी नहीं मिलती हैं। कंपनी डिपॉजिट पर भारतीय रिजर्व बैंक के नियम लागू होते हैं।

कंपनी डिपॉजिट में एफडी की तुलना में ज्यादा जोखिम होता है। लेकिन ज्यादा ब्याज से ये ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने में सफल हो जाता है। ये उन लोगों के लिए है जिन्हें नियमित आय चाहिए। बता दें कि एफडी और कंपनी डिपॉजिट दोनों ही 10 वर्षों तक के लिए कराई जा सकती है। 
 
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