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मुट्ठी में होगा मोबाइल बैंकिंग का जमाना

Mon, 17 Dec 2012 10:27 AM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
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आज देश में बैंक ग्राहकों की तुलना में मोबाइल के ग्राहकों की संख्या कही ज्यादा है। साथ ही मोबाइल की पहुंच शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों तक तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए आने वाले दिनों में सभी लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में मोबाइल बैंकिंग एक प्रमुख जरिया बनेगा।
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मोबाइल बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराने में पहुंच बढ़ने के साथ-साथ लागत में आने वाली कमी को देखते हुए देश के
प्रमुख बैंक जहां तेजी से मोबाइल बैंकिंग सेवाओं का विस्तार और प्रचार कर रहे हैं वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक भी इसको प्रचलित करने के लिए कई कदम उठा रहा है।

मोबाइल के जरिए फिक्सड डिपॉजिट खोलने, फंड ट्रांसफर करने, खाते में शेष राशि देखने, चेकबुक मंगाने आदि की सुविधाएं भी आप ले सकते हैं। साथ ही ग्राहकों को एटीएम सहित क्रेडिट कार्ड आदि के लेन-देन का भी एलर्ट भी मिलता है।
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बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मोबाइल से किए गए लेन-देन की तुलना में बैंक की शाखा से किया गया ट्रांजेक्शन करीब 10 गुना ज्यादा होता है। इसके अलावा अभी देश में कुल 90 हजार ही बैंकिंग शाखाएं हैं, जो देश की 1.2 अरब आबादी की तुलना में काफी कम है। मोबाइल की व्यापक पहुंच को देखते हुए इसके जरिए सभी तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना काफी आसान होगा। इसकी सुविधा को देखते हुए सभी प्रमुख बैंक ग्राहकों को मोबाइल बैंकिंग के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

भारतीय स्टेट बैंक के इस समय 52 लाख ग्राहक मोबाइल बैंकिंग के लिए पंजीकृत हैं। इसमें हर महीने करीब दो लाख ग्राहकों का इजाफा हो रहा है। एचडीएफसी बैंक ने ग्राहकों के मोबाइल बैंकिंग सेवा सरल और ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए हिंदी में मोबाइल बैंकिंग सेवा भी शुरू कर दी है। बैंकों के अलावा भारतीय रिजर्व बैंक ने टेलीकॉम कंपनियों को भी सीमित आधार पर मोबाइल के जरिए बैंकिंग सेवाएं देने की इजाजत दी है।

इसके तहत कंपनियां मोबाइल वैलेट नाम से सेवाएं दे रही हैं। एयरटेल मनी इसी के तहत कंपनी की ओर से दी जाने वाली सेवा है। मोबाइल वैलेट सेवा के तहत ग्राहक टेलीकॉम कंपनी के जरिए अपने मोबाइल में नकद राशि डलवा सकता है और अपने मनमाफिक व्यक्ति को राशि भेज सकता है। साथ ही उस राशि के जरिए कार्ड की तरह खरीदारी भी कर सकता है। हालांकि इसके जरिए ग्राहक राशि निकाल नहीं सकते हैं।

चुनौतियां भी हैं कई
खूबियों के साथ-साथ मोबाइल बैंकिंग की अपनी चुनौतियां भी हैं। देश में मोबाइल ग्राहकों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या अभी भी 15-20 फीसदी के बीच है। ग्राहक इसके बिना बैंकों या टेलीकॉम कंपनियों के मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन डाउनलोड नहीं कर सकते हैं।

उन्हें साधारण फोन पर एसएमएस से ही संतोष करना पड़ेगा, वह कई सारी सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। बैंकर्स के अनुसार जिस तरह से मोबाइल बैंकिंग में सुविधाएं बढ़ रही हैं, उसे देखते हुए अगले 5-7 साल में यह काफी लोकप्रिय हो जाएगा।
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