भारत पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था वाले देशों में शुमार हो गया है और पिछले आठ साल में इसकी अर्थव्यवस्था एक लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर दो लाख करोड़ डॉलर की हो गई।
एशियन डेवलपमेंट बैंक का अनुमान है कि अगले दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना हो जाएगा। इसके जीडीपी के विकास में प्रति व्यक्ति खपत भी एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। जिस तरह अर्थव्यवस्था में तेजी आ रही है, उससे अगले दशक में कई मध्यम आकार की अच्छी कंपनियां तेजी के अवसर को भुना सकती हैं।
स्टॉक बाजार में इन कंपनियों को मिड कैप कंपनी कहा जाता है और ये कंपनियां काफी बड़े व्यवसाय में शामिल हैं। ये कंपनियां एक क्षेत्र पर फोकस करती हैं और विविधिकरण की प्रक्रिया से दूर रहती हैं। वे अपनी अनोखी मजबूती को ही बढ़ाती हैं। थोड़ा बहुत जोखिम लेकर आगे बढ़ा जाए, तो लंबी अवधि में मिड कैप कंपनियों से अपेक्षाकृत बढ़िया रिटर्न मिलने की पूरी गुंजाइश है।
लॉर्ज कैप बनने में सक्षम
इन कंपनियों में से ढेर सारी कंपनियां अर्थव्यवस्था और खपत की तेजी के साथ कारोबार और लाभ में कई गुना बढ़त हासिल कर सकती हैं और उनकी एसेट की उपयोगिता में तेजी से सुधार होगा। इसमें कई कंपनियां शेयर बाजार में मूल्यांकन के लिहाज से मिडकैप से लॉर्ज कैप आकार की तरफ बढ़ सकती हैं। ऐसा तेजी से बढ़ने वाली कई अर्थव्यवस्थाओं में देखा गया है।
मिडकैप सेगमेंट में ज्यादा वृद्धि दर
सामान्य अर्थव्यवस्था की तुलना में मिडकैप सेगमेंट की वृद्धि दर काफी ज्यादा रही है। यह सफल मिड कैप कंपनियों के मूल्यांकन के गुणकों के असामान्य उछाल को ट्रिगर करने में भूमिका निभाता है। आंशिक रूप से यह संस्थागत निवेशकों द्वारा ऐसी कंपनियों के बेहतर स्वामित्व के कारण होता है, क्योंकि कंपनियों का पुन: मूल्यांकन किया जाता है। वे कंपनियां आकार के लिहाज से बड़ी बन सकती हैं, क्योंकि वृद्धि में काफी फैलाव है और उसमें से कई कंपनियां पूंजी बाजार के मूल्यांकन के लिहाज से हकीकत में मध्यम आकार से बड़े आकार में पहुंच चुकी हैं।
बीएसई पर रहा है शानदार प्रदर्शन
भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास ने भी इसे साबित किया है और कई सारे अवसरों पर इनकी वृद्धि की गाथा देखी गई है, जिसमें क्वालिटी मिड कैप से लॉर्ज कैप का समावेश रहा है। अगर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के पिछले 15 सालों का सीएजीआर का रिकॉर्ड देखें, तो मिड कैप कंपनियों ने 21.14 फीसदी का रिटर्न दिया है।
अगले एक दशक का अनुमान
वे निवेशक जो थोड़ा अतिरिक्त जोखिम लेकर इस अवसर में शामिल होते हैं, तो उनके लिए आगे चलकर अच्छी कमाई की संभावना बनती है, क्योंकि आज मिड कैप कंपनियों में निवेश किया जाता है, तो अगले एक दशक में ये कंपनियां अच्छी-खासी संपत्ति का अर्जन कर सकती हैं।
ग्रामीण इलाकों की प्रति व्यक्ति आय बढ़ने के कारण खपत की वृद्धि में भी शहरी क्षेत्रों की तुलना में तेजी से वृद्धि हो सकती है, जिससे ग्रामीण, कृषि और सरकार द्वारा खर्च से संबंधित सेक्टरों में अच्छे निवेश से यह सेक्टर लाभान्वित हो सकता है।
ऊर्जा की प्रति व्यक्ति की खपत के बारे में अनुमान है कि यह अगले एक दशक में तेजी से बढ़ेगी और पर्यावरण की चिंता के कारण कुछ वृद्धि क्लीन एनर्जी सेगमेंट से भी आने की संभावना है। एक निवेश प्रबंधन के रूप में महिंद्रा उन्नति इमर्जिंग बिजनेस योजना मुख्य रूप से मिड कैप कंपनियों में निवेश करती है। हाल में मिड कैप कंपनियों का रिटर्न बहुत अच्छा रहा है और अब जबकि बाजार थोड़ा ज्यादा ऊपर है, ऐसे में यह स्टॉक लंबी अवधि में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
(आशुतोष बिश्नोई, प्रबंध निदेशक, महिंद्रा म्यूचुअल फंड)