निर्मला सीतारमण ने करदाताओं को दी राहत
करदाताओं को राहत देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अब उनको पैन कार्ड के बजाए आधार कार्ड से रिटर्न भरने की सुविधा भी दे दी है। वित्त मंत्री ने पांच जुलाई को पेश हुए बजट में कहा कि देश में 120 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास आधार कार्ड है। जिनके पास पैन नहीं है, वे आधार कार्ड से इनकम टैक्स रिटर्न भर सकते हैं। इससे कई लोगों को फायदा मिलेगा। फिलहाल आधार कार्ड को आईटीआर फाइल करने के लिए जरूरी कर दिया गया है।
इसलिए लिंक कराना है जरूरी
हाल ही में आयकर विभाग ने कहा था कि करदाताओं को अपना रिटर्न भरने के लिए पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर करदाता अपने रिटर्न को फाइल नहीं कर पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल सितंबर में केंद्र की आधार योजना को संवैधानिक रूप से वैध माना था। कोर्ट ने कहा था कि पैन देते समय और रिटर्न भरते समय आधार का उल्लेख अनिवार्य बना रहेगा।
ऐसे कराएं लिंक
- आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट (www.incometaxindiaefiling.gov.in) को इंटरनेट पर खोल लें।
- यहां पर बायीं तरफ दिए लाल रंग के link Adhaar पर क्लिक करें।
- अगर आपका आयकर अकाउंट नहीं बना है तो पंजीकरण करा लीजिए।
- क्लिक करते ही पेज खुलेगा, जिसमें आपको अपना आधार नंबर, पैन नंबर और आधार के अनुसार नाम भरना होगा।
- इसके बाद दिया गया कैप्चा कोड टाइप करें।
- जानकारी भरने के बाद नीचे दिख रहे link Adhaar ऑप्शन पर क्लिक करें।
- इसके बाद आपका पैन कार्ड आधार से लिंक हो जाएगा।
पता कर सकते हैं आधार पैन कार्ड लिंक का स्टेटस
- आयकर विभाग की वेबसाइट incometaxindiaefiling.gov.in पर जाना होगा।
- यहां पर Link Aadhaar के नाम से ऑप्शन है।
- इस पर क्लिक करने के बाद एक विंडो खुलेगी।
- इस विंडो में आपको लाल रंग से ब्लिंक करते हुए Click here पर क्लिक करना होगा।
- एक नया पेज खुलेगा, इसमें पैन कार्ड नंबर और आधार नंबर देना होगा।
- इसके बाद आपको कार्ड लिंक होने का स्टेटस पता चल जाएगा।
डाउनलोड कर सकेंगे आयकर रिटर्न का भरा भराया फॉर्म
इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में करदाताओं के लिए एक और महत्वपूर्ण एलान किया था। इस साल आयकर विभाग आईटीआर-1 फॉर्म भरने वालों को सैलरी, एफडी पर मिलने वाला ब्याज और टीडीएस की जानकारी पहले से भरकर देगा।
पहले खुद भरनी होती थी जानकारी
इससे पहले यह जानकारी भी करदाता को खुद से भरने होती थी। अगर फॉर्म को ऑनलाइन भरा जाता है तभी इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। पहले से मौजूद सॉफ्टवेयर पैन कार्ड की मदद से फॉर्म 26एएस, टीडीएस रिटर्न और पिछले साल के आईटीआर की सारी डिटेल्स को निकाल लेगा। हालांकि अगर कोई करदाता जावा या फिर एक्सेल की मदद से अपना आईटीआर भरेगा तो फिर वो इस सुविधा का लाभ नहीं ले पाएगा।
ITR भरने के यह हैं चार फायदे
टैक्स से बचने के लिए लोग किसी ना किसी नए तरीके की खोज करते रहते हैं। लेकिन आज हम आपको टैक्स भरने के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। ये बात सुनकर आप हैरान होंगे, लेकिन ये सच है कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के कई फायदे हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में-
आसानी से मिल जाएगा लोन
लोन लेते समय बैंक या कोई भी वित्तीय संस्था सबसे पहले आपकी आय देखती है। आपकी वित्तीय क्षमता के हिसाब से ही आपको लेन दिया जाता है। ऐसे में आपके द्वारा फाइल किया गया इनकम टैक्स रिटर्न काम आ सकता है। आईटीआर से आपकी आमदनी की पुष्टि हो सकती है। ऐसे बहुत से वित्तीय संस्था हैं जो आपकी आईटीआर में दी गई जानकारी के आधार पर ही लोन देती हैं। इसलिए लोन लेने के लिए आईटीआर मददगार साबित हो सकता है।
ऐसे बढ़ेगा आपका कारोबार
अगर आपका कोई बिजनेस है, तो आईटीआर आपके लिए बेहद लाभदायक है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत में ऐसी कई सरकारी कंपनियां हैं जो कारोबारियों से उनके द्वारा बनाए गए उत्पाद खरीदती हैं। ऐसे में आपको अपना बिजनेस बढ़ाने में मदद मिलेगी। बता दें कि सरकारी विभाग या कंपनियां ज्यादातर उन्हीं कारोबारियों से उत्पाद लेती हैं जो कम से कम पिछले दो से तीन सालों से आईटीआर फाइल कर रहे हों। इस तरह आईटीआर आपको कारोबार बढ़ाने में मदद कर सकता है।
बीमा कवर लेने के लिए
लोन के अतिरिक्त अगर आप एक करोड़ रुपये तक का बीमा कवर लेना चाहते हैं, तो भी आईटीआर आपके लिए काफी मददगार हो सकता है। बीमा कवर लेने के लिए बहुत सी बीमा कंपनियां आपसे आईटीआर मांगती हैं। बीमा कंपनियां आईटीआर के जरिए आपकी आय और आपकी नियमितता परखती हैं।
प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने में होगी आसानी
इतना ही नहीं, आईटीआर फाइल करने से आपको घर खरीदने और बेचने में, बैंक में बड़ी रकम जमा करने के लिए और म्यूचुअल फंड में निवेश करने में भी मदद मिलती है। अगर आप म्यूचुअल फंड में बड़ी रकम निवेश करना चाहते हैं तो ऐसे में आयकर विभाग से नोटिस आने का खतरा नहीं होता है।
आयकर विभाग (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
आईटीआर वैरिफाई करना है जरूरी
आईटीआर को भरने के बाद उसको वैरिफाई भी करना जरूरी होता है। अगर किसी भी करदाता ने ऐसा नहीं किया तो उसका रिटर्न वैलिड नहीं माना जाएगा। आयकर कानून के हिसाब से प्रत्येक करदाता को अपना रिटर्न वैरिफाई करना जरूरी होता है।
छह तरीकों से कर सकते हैं आईटीआर को वैरिफाई
टैक्स सलाहकार और सीए अतुल गर्ग ने अमरउजाला.कॉम को बताया कि कोई भी करदाता जो आईटीआर-1, आईटीआर-2 और आईटीआर-4 को भरेगा तो उसको अपने रिटर्न को 120 दिन के अंदर वैरिफाई करना जरूरी है। इन छह तरीकों में पांच ऑनलाइन और एक फिजिकल तरीका है। अगर आपके आईटीआर को ऑडिट करना है तो फिर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट होना जरूरी है। आइए जानते हैं इन छह में से तीन तरीकों के बारे में....
आधार ओटीपी
पैन कार्ड को आधार से लिंक करना जरूरी है। बिना आधार के कोई भी करदाता अपना रिटर्न नहीं भर पाएगा। ऐसे में करदाता रिटर्न दाखिल करने के बाद आसानी से इसको वैरिफाई कर सकेंगे। आपको आयकर विभाग की साइट पर जाकर माई अकाउंट (My Account) सेक्शन में ई-वैरिफाई रिटर्न पर क्लिक करना होगा। वहां पर आधार ओटीपी के जरिए रिटर्न वैरिफाई करने के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद छह अंकों का ओटीपी आएगा, जिसको भरने के बाद आपका रिटर्न वैरिफाई हो जाएगा।
नेटबैंकिंग के जरिए
आईटीआर को नेटबैंकिंग के जरिए भी वैरिफाई किया जा सकता है। हालांकि इसकी सुविधा केवल कुछ बैंकों के जरिए मिलती है।
बैंक खाते के जरिए
बैंक खाते के जरिए भी आप ऐसा कर सकते हैं। यह सुविधा भी कुछ बैंकों में मिलती है। हालांकि यह तभी होगा जब आपका पैन कार्ड और बैंक खाते में एक ही नाम होगा।
डीमैट, एटीएम और फिजिकल प्रोसेस
आप आयकर रिटर्न को आप डीमैट, एटीएम और फिजिकल प्रोसेस के जरिए भी वैरिफाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको आयकर विभाग की वेबसाइट और संबंधित बैंक से भी जानकारी मिल जाएगी। केवल फिजिकल वैरिफिकेशन को छोड़कर के आपको अन्य दो तरीकों से रिटर्न आसानी से वैरिफाई कर सकेगा।