पेशेवर आय 10 लाख से ज्यादा तो आईटीआर जरूरी
अगर किसी व्यक्ति को साल में उसके पेशे से 10 लाख रुपये का राजस्व आता है तो उसे आईटीआर भरना जरूरी है। इसी तरह से 25,000 से ज्यादा का अगर टीडीएस (TDS) या टीसीएस (TCS) होता है तो भी आईटीआर भरना जरूरी है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 50,000 रुपये है।
खाते में 50 लाख के जमा पर आईटीआर भरना होगा
नियम के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति एक साल में एक बचत खाते या कई खाते में 50 लाख रुपये जमा करता है तो उसे भी आईटीआर भरना जरूरी है। चालू खाता में यह सीमा एक करोड़ रुपये की है।
आयकरदाताओं को यह जानना जरूरी है कि 7 आईटीआर फॉर्म में उनके लिए कौन सा सही है।
फॉर्म-1
अगर आप नौकरीपेशा हैं और वित्त वर्ष 2021-22 में आपकी कुल कमाई 50 लाख रुपये तक थी तो रिटर्न भरने के लिए आईटीआर-1 फॉर्म भरना होगा।
- पेंशन पाने वालों को भी इसी फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा।
- अगर आपको बैंक जमा से ब्याज मिलता है, मकान के किराये के रूप में कमाई होती है और कृषि आय 5,000 रुपये है तो भी यही फॉर्म भरना होगा।
फॉर्म-2
- कमाई 50 लाख रुपये से ज्यादा है और वेतन के अलावा अन्य दूसरे स्रोतों से कमाई होती है तो आईटीआर-2 फॉर्म भरना होगा।
- दूसरे स्रोतों में कैपिटल गेन्स से आय, एक से ज्यादा आवासीय संपत्ति से कमाई, विदेशी आय, विदेशी संपत्ति. कंपनी में निदेशक बनने पर होने वाली कमाई और गैर-सूचीबद्ध शेयरों से होने वाली कमाई आती है।
फॉर्म-3
यह उनके लिए है, जो आईटीआर-2 फॉर्म के लिए तय स्रोतों से कमाई करने के साथ किसी बिजनेस या प्रोफेशन से आय हासिल करते हैं। किसी फर्म में पार्टनर हैं तो भी इसी फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा।
फॉर्म-4
- यह फर्म आवासीय इंडिविजुअल्स, हिंदू अविभाजित परिवार, फर्मों (एलएलपी को छोड़कर) के लिए है, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और बिजनेस एवं प्रोफेशन से भी कमाई होती है।
- अगर आपको केंद्र या राज्य सरकार से पेंशन मिलती है तो इसकी जानकारी भी आईटीआर-3 फॉर्म में देनी होगी।
फॉर्म-5 और 6
- दोनों फॉर्म व्यक्तिगत आयकरदाताओं के लिए नहीं हैं। आईटीआर-5 फॉर्म साझेदारी वाली कंपनी, बिजनेस ट्रस्ट, निवेश फंड आदि के लिए है।
- n आईटीआर-6 फॉर्म उन कंपनियों के लिए, जो सेक्शन 11 के अलावा पंजीकृत हैं।
फॉर्म-7
आईटीआर दाखिल करने के लिए यह फॉर्म कंपनियों के साथ उन करदाताओं के लिए है, जो चैरिटेबल या धार्मिक ट्रस्ट, राजनीतिक दल, रिसर्च एसोसिएशन, न्यूज एजेंसी या इसी तरह के कोई संगठन हैं।
नहीं बढ़ेगी तारीख, देरी पर भरना होगा जुर्माना
राजस्व सचिव का कहना है कि इस बार आईटीआर भरने की 31 जुलाई की अंतिम तारीख आगे नहीं बढ़ेगी। इसलिए आयकरदाता रिटर्न भरने में सुस्ती न दिखाएं और आखिरी दिन का इंतजार न करें।
- आपकी कमाई 5 लाख से ज्यादा है और आप तय तिथि पर रिटर्न नहीं भरते हैं तो 5,000 रुपये तक जुर्माना भरना होगा।
- सालाना कमाई 5 लाख रुपये से कम होने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।