आईआरडीएआई ने सभी बीमा कंपनियों से टेलीफोन और डिजिटल संपर्क सहित संभावित वैकल्पिक साधनों के माध्यम से व्यवसाय को चालू रखने के लिए कहा है। पॉलिसीधारकों और ग्राहकों की सेवाएं बाधित ना हों, इसके लिए यह कदम उठाया गया है। आईआरडीएआई ने कंपनियों से लॉकडाउन जसी बाधाओं को दूर करने को कहा है।
आईआरडीएआई ने बीमा कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर कार्यालयों के कामकाज की जानकारी, प्रीमियम भुगतान, नवीनीकरण, दावों के निपटान और अन्य सेवा संबंधित जरूरी जानकारी प्रदान करने को कहा है।
पॉलिसीधारकों से सहयोग करने की अपील
इरडा ने सभी पॉलिसीधारकों से सहयोग करने की अपील की है और कहा है कि पॉलिसीधारकों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहें।
जीवन बीमा पॉलिसी में प्रीमियम के भुगतान के लिए ग्रेस पीरियड होता है। कंपनियों से ग्रेस पीरियड को 30 दिनों की ब्याज-मुक्त अनुग्रह अवधि बढ़ाने के लिए कहा गया है।
बीमा कंपनियों को राहत देते हुए, यह अनुमति दी गई है कि 30 जून, 2020 तक होने वाली बोर्ड की बैठकें अब अन्य साधनों के माध्यम से आयोजित की जा सकती हैं, जैसे - वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य ऑडियो-विजुअल के साधन। नियम 3 ऑफ कंपनीज नियम, 2014 में 19 मार्च 2020 को संशोधन किया गया है।
आगे बीमाकर्ताओं और बीमा मध्यस्थों को मार्च, 2020 के महीने के लिए मासिक रिटर्न जमा करने के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है। इसी तरह, त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने के लिए एक महीने तक की अतिरिक्त अवधि की अनुमति दी गई है।