ईपीएफओ ने कहा है कि उसने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए ईपीएस ( कर्मचारी पेंशन योजना ) के तहत आने वाले 65 लाख पेंशनभोगियों को समय पर मासिक पेंशन का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
25 मार्च तक पेंशन अमाउंट स्टेटमेंट्स तैयार करने के निर्देश
मालूम हो कि ईपीएफओ हर महीने ईपीएस के तहत 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को पेंशन का भुगतान करता है। ऐसे में इन सभी के लिए यह राहत भरी खबर है। कोरोना वायरस महामारी के कारण देश के 30 राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के 548 जिले बंद हैं। इस संदर्भ में श्रम मंत्रालय ने बयान में कहा कि, 'विभिन्न भागों में बंद (लॉकडाउन) की घोषणा की गयी है। मौजूदा स्थिति में पेंशनभोगियों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो, इसके लिए केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (सीपीएफसी) ने ईपीएफओ के 120 क्षेत्रीय कार्यालयों को पेंशनभोगियों के ब्योरे और पेंशन राशि 25 मार्च 2020 तक मिलान करने और सृजन करने को कहा है।'
समय पर पेंशन मिलने के इंतजाम
सीपीएफसी ने यह भी कहा है कि पेंशन बैंकों को पहले ही भेजी जानी चाहिए ताकि पेंशनभागियों की मासिक पेंशन समय पर भुगतान हो सके। ईपीएफओ ईपीएस के अलावा कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मचारी डिपोजिट लिंक्ड बीमा योजना का संचालन करता है। इसके अंशधारकों की संख्या 6 करोड़ से अधिक है जिन्हें भविष्य निधि, समूह बीमा और पेंशन का लाभ मिलता है।
देश में ऐसी है स्थिति
मालूम हो कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के मुताबिक भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 471 हो गई है। केरल में आंकड़ा 100 के करीब है और अब तक देश में कोरोना से कुल 9 लोगों की मौत हुई है। श्रम मंत्रालय ने अपील की है कि कंपनियां कर्मचारियों का वेतन न काटें। साथ ही पीएम मोदी ने मीडियाकर्मियों को सराहा। केंद्र ने राज्य सरकारों से कहा है कि नियम तोड़ने पर की सख्त कार्रवाई की जाए।