घरेलू कंपनियां पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर रही हैं। जिन कंपनियों को मुनाफा हुआ है, वे अपने निवेशकों को डिविडेंड (लाभांश) के रूप में मुनाफे में हिस्सेदारी देंगी। हालांकि, निवेशकों को अब इस डिविडेंड आय पर टैक्स का भुगतान करना होगा, जो पहले कंपनियां करती थीं।
डिविडेंड पर 7.5 फीसदी टीडीएस भी
नए नियम के तहत, अगर डिविडेंड के जरिए 5,000 रुपये की कमाई होती है तो टीडीएस नहीं कटेगा। लेकिन, डिविडेंड आय 5,000 रुपये से ज्यादा होने पर 10 फीसदी की दर से टीडीएस का भुगतान करना होगा।
14 मई, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक के लिए टीडीएस दर घटाकर 7.5 फीसदी कर दी गई हैं। इस दौरान मिले डिविडेंड पर 7.5 फीसदी टीडीएस ही कटेगा। अगर कंपनी के पास आपके पैन की डिटेल नहीं है तो 20 फीसदी टीडीएस कटेगा।
निवेशकों पर कर का दोहरा बोझ पड़ेगा
इस कदम से निवेशकों पर कर का दोहरा बोझ पड़ेगा। एक तो डिविडेंड पर टीडीएस देना होगा और दूसरा डिविडेंड के उनकी सालाना कमाई में जुड़ने पर स्लैब के अनुसार टैक्स का भी भुगतान करना होगा। हालांकि, टीडीएस पर क्लेम ले सकेंगे। -अतुल गर्ग, कर विशेषज्ञ