कोरोना वायरस की वजह से कई निवेशक अपने निवेश को लेकर चिंतित हैं। निवेशकों को उनके पैसे डूबने की चिंता लगी रहती है, कोरोना की वजह से शेयर बाजार में उठा-पटक लगी रहती है जिससे निवेशक भय के माहौल में रह रहा है लेकिन निवेश बरकरार रखना भी जरूरी है।
कोरोना से बने हालात को देखते हुए कई निवेशक निवेश से निकासी कर रहे हैं लेकिन सलाह है कि निवेशक तभी पैसा निकाले जब बहुत ज्यादा जरूरत हो। अगर कोई निवेशक अपनी एसआईपी यानि सिस्टैमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान रोकना चाहता है तो इन आसान तरीकों को अपनाकर रोक सकता है।
कोरोना महामारी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। कई लोगों की नौकरियां जा रही हैं तो कई लोगों की सैलरी में कटौती की खबरें हैं। अब ऐसे में निवेशकों को अपना निवेश जारी रखने में दिक्कत हो सकती है।
अगर निवेशक अपने निवेश की एसआईपी को रोकना चाहते हैं तो आसानी से रोक सकते हैं। यह काम निवेशक खुद भी कर सकते हैं और इसके लिए किसी वित्तीय सलाहकार की सलाह या मदद भी ले सकते हैं।
ऑनलाइन एसआईपी रोकना बहुत ही आसाना है। इसके लिए म्यूचुअल फंड की वेबसाइट में लॉग-इन कर अपना ब्योरा दें। इसके अलावा आप एसआईपी इंस्ट्रक्शन का विकल्प भी चुन सकते हैं।
इसके लिए एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म में लॉग-इन कर एसआईपी इंस्ट्रक्शन को चुनें जिसे आप कैंसिल करना या रोकना चाहते हैं। इसके लिए 'कैंसिल/स्टॉप' एसआईरी पर क्लिक करें।
म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर 'स्टॉप एसआईपी' फॉर्म उपलब्ध होते हैं। निवेशक इन्हें डाउनलोड कर फॉर्म में अपनी एसआईपी ब्योरा, फोलियो नंबर, पैन कार्ड की जानकारी भरनी होती है। जिसके बाद हस्ताक्षर की जरुरत पड़ती है।
इसके बाद आपको इसे फाइनेंशियल एडवाइजर या एएमसी के ऑफिस या इंवेस्टर सर्विस सेंटर में जमा करना पड़ता है। एक बार आपके एसआईपी रोकने का अनुरोध अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया जाता है तो आपको एकनॉलेजमेंट रिसीप्ट मिल जाती है।
कोरोना को देखते हुए कई म्यूचुअल फंड हाउस ने पॉज फेसिलिटी का लाभ उठाने के नियमों में ढील दी है। इसका मतलब यह है कि पूरी तरह एसआईपी को रोकने के बजाय निवेशकों को पहले 'पॉज' विकल्प का इस्तेमाल करना चाहिए।
अगर किसी कारणवश आपके पास नकदी की किल्लत आ गई है और आप कुछ समय के लिए अपनी एसआईपी रोकना चाहते हैं तो पॉज सएसआईपी विकल्प का फायदा जरूर उठाएं। अलग अलग फंड हाउस में पॉज प्रक्रिया के अलग अलग विकल्प हैं।
निवेश रोकने से पहले इस बात का रखें ध्यान
स्टॉप ऑप्शन का इस्तेमाल करने के बाद भले ही आपकी एसआईपी रुक जाए लेकिन स्कीम में निवेश से जो रकम जुटी है वह बनी रहेगी। फाइनेंशियल प्लानर सुझाव देते हैं कि गिरावट के दौर में निवेश को बनाए रखना चाहिए। स्कीम से पैसा निकालने से पहले अपने लक्ष्यों, स्थितियों और प्रोफाइल को जरूर देख लें।