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निवेश के मंत्र 21: कभी भी आ सकती है मुश्किल, इसलिए आपके लिए जरूरी है इमरजेंसी फंड

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Wed, 13 May 2020 07:48 PM IST
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इमरजेंसी फंड - फोटो : अमर उजाला--रोहित झा

कोरोना वायरस की वजह से ना सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया प्रभावित हुई है। इस संकट के समय में लाखों लोगों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। लोगों के पास फंड की कमी हो रही है। इसलिए अस्थिर समय के लिए वित्तीय योजना और इमरजेंसी फंड बेहद जरूरी है। 

विशेषज्ञों की मानें, तो अस्थिर समय के लिए वित्तीय योजना और इमरजेंसी फंड दोनों ही सबके लिए बेहद आवश्यक है। आपात की स्थिति में सिर्फ इमरजेंसी फंड ही आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है। इसलिए आपके पास नौ से 12 महीनों तक के लिए इमरजेंसी फंड होना ही चाहिए।



इसके जरिए आप जरूरी मासिक खर्च जैसे बिजली का बिल, घर-दुकान का किराया, पानी का बिल, आदि का भुगतान कर सकते हैं। साथ ही अगर आपने लोन लिया है और किसी कारण अगर आप ईएमआई की राशि एकत्रित नहीं कर पाते हैं, तो आप इमरजेंसी फंड के जरिए इसका भुगतान कर सकते हैं। इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए भी यह लाभदायक साबित हो सकता है। 

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इमरजेंसी फंड - फोटो : अमर उजाला--रोहित झा
कोरोना वायरस की वजह से ना सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया प्रभावित हुई है। इस संकट के समय में लाखों लोगों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। लोगों के पास फंड की कमी हो रही है। इसलिए अस्थिर समय के लिए वित्तीय योजना और इमरजेंसी फंड बेहद जरूरी है। 

विशेषज्ञों की मानें, तो अस्थिर समय के लिए वित्तीय योजना और इमरजेंसी फंड दोनों ही सबके लिए बेहद आवश्यक है। आपात की स्थिति में सिर्फ इमरजेंसी फंड ही आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है। इसलिए आपके पास नौ से 12 महीनों तक के लिए इमरजेंसी फंड होना ही चाहिए।

इसके जरिए आप जरूरी मासिक खर्च जैसे बिजली का बिल, घर-दुकान का किराया, पानी का बिल, आदि का भुगतान कर सकते हैं। साथ ही अगर आपने लोन लिया है और किसी कारण अगर आप ईएमआई की राशि एकत्रित नहीं कर पाते हैं, तो आप इमरजेंसी फंड के जरिए इसका भुगतान कर सकते हैं। इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए भी यह लाभदायक साबित हो सकता है। 

लेकिन अगर आपके पास इमरजेंसी फंड नहीं हैं, तो आप समझदारी से कदम उठाकर मौजूदा नकदी के साथ भी अपनी आर्थिक स्थिति को बिगड़ने से बचा सकते हैं। ऐसे में आप अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से थोड़ा-बहुत उधार ले सकते हैं। अगर आप ऐसा करते हैं, तो इससे आप ब्याज देने से बच जाएंगे। वहीं अगर आप किसी बैंक या किसी अन्य लोन संस्थान से लोन लेते हैं, तो उसके मुकाबले आपको भुगतान के लिए अधिक समय भी मिल जाएगा। 

लोन मोरेटोरियम का विकल्प चुनें
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सभी बैंकों व एनबीएफसी को लोन के भुगतान पर तीन महीनों का मोरेटोरियम पीरियड देने की अनुमति दे दी है। यानी अगर ग्राहक चाहें तो वो तीन माह तक अपनी ईएमआई टाल सकते हैं। इसलिए जो लोग नकदी संकट के कारण लोन पुनर्भुगतान करने में असमर्थ हैं, वो इस विकल्प को चुन सकते हैं। लेकिन इस बीच आपको एक बात का खास ध्यान रखना होगा कि आप जितनी महीने तक लोन का भुगतान नहीं करेंगे, उतने समय के लिए भी आपसे बकाया राशि पर ब्याज वसूला जाएगा। 

फिक्स्ड इनकम विकल्पों में करें निवेश
इस बीच अगर आप निवेश की योजना बना रहे हैं, तो आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा। आजकल घरेलू शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसलिए शेयर में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए निवेशकों को फिक्स्ड इनकम विकल्पों जैसे, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या रिकरिंग डिपॉजिट (RD) में निवेश करना चाहिए। अन्य निवेश के विकल्पों की तुलना में इनमें जोखिम कम होता है। इसलिए आपके फंड में कमी आने का खतरा भी कम होता है। 

PF से निकाल सकते हैं पैसा
आप घर बैठे अपने पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं। पीएफ खाता हर कर्मचारी के भविष्य के लिए की गई बचत है। इसलिए यदि कोई मुश्किल समय न आए तो पीएफ का पैसा नहीं निकालना ही समझदारी है। सरकार ने ईपीएफ खाताधारकों को अपना 75 फीसदी तक ईपीएफ बैलेंस या तीन महीनों की बैसिक सैलरी और डीए के समान राशि, जो भी कम हो, निकालने की अनुमति दी है। इसका उद्देश्य नौकरीपेशा लोगों का नकदी संकट दूर करना है जो वर्तमान आर्थिक स्थिति से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। 
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