यदि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की योजना बना रहे हैं, तो पोस्ट ऑफिस के फाइनेंशियल प्रोडक्ट भी आपके लिए एक सुरक्षित और अच्छा रिटर्न देने वाले विकल्प हो सकते हैं। खासतौर पर तब, जब आप ग्रामीण या कस्बाई क्षेत्रों में रहते हैं और जहां नए-नए तमाम तरह के वित्तीय उत्पाद उपलब्ध नहीं है, वहां डाकघर के वित्तीय उत्पाद आपके वित्तीय लक्ष्य के लिहाज से मददगार साबित हो सकते हैं। बच्चों के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग के लिहाज से पोस्ट ऑफिस में मुख्य रूप से तीन उत्पाद उपलब्ध हैं। इनमें रेकरिंग डिपाजिट, पीपीएफ अकाउंट और सावधि जमा खाता शामिल है। इसके अलावा, डाक घरों में सरकारी और अर्धसरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों के बच्चों के लिए विशेष बीमा उत्पाद भी उपलब्ध है।
रेकरिंग डिपाजिट
डाक घरों में रेकरिंग डिपाजिट बच्चों के भविष्य के लिहाज से बचत का एक व्यवस्थित तरीका है। मां-बाप अपने बच्चों के नाम से डाकघर में आरडी खाता खोल सकते हैं। इस खाते की परिपक्वता अवधि पांच साल होती है। प्रति माह इसमें न्यूनतम 10 रुपये का निवेश जरूरी है। इसके बाद इसमें पांच रुपये के गुणक में निवेश किया जा सकता है। इस पर 8.40 फीसदी का रिटर्न मिलता है। इसमें एक साल के बाद 50 फीसदी तक की रकम निकालने की अनुमति होती है। तीन साल के बाद परिपक्वता से पहले भी इस खाते को बंद किया जा सकता है। रेकरिंग खाते में निवेश की अधिकतम सीमा नहीं है। हालांकि, रेकरिंग डिपाजिट की परिपक्वता पर प्राप्त होने वाली आय पर करदेयता बनती है, जो बच्चे के अभिभावक की आय में शामिल की जाएगी और संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार कर में कटौती की जाएगी।
पीपीएफ अकाउंट
बैंकों की तरह डाकघरों में भी मां-बाप अपने बच्चे का पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकते हैं। इसमें एक वित्तवर्ष में अधिकतम एक लाख रुपये तक के निवेश पर बच्चे के अभिभावक को कर में कटौती का लाभ मिलता है। एक वित्तीय वर्ष में एकमुश्त या 12 किश्तों में पीपीएफ खाते में निवेश किया जा सकता है। पीपीएफ खाते की परिपक्वता 15 साल होती है। प्रत्येक वित्तवर्ष में न्यूनतम 500 रुपये का निवेश जरूरी है। डाकघर में इस पर 8.80 फीसदी ब्याज मिलता है। इस खाते की सबसे बड़ी लाभ वाली बात यह है कि कर में कटौती के साथ इसकी परिपक्वता पर होने वाली आय पूरी तरह करमुक्त होती है।
डाकघर सावधि जमा खाता
बच्चे के अभिभावक बैंकों की तरह डाकघरों में भी अपने बच्चे के नाम पर एफडी करा सकते हैं। डाकघर सावधि जमा खाते को किसी भी डाकघर में न्यूनतम 200 रुपये से खोला जा सकता है। इसमें निवेश की अधिकतम सीमा नहीं है। इसमें परिपक्वता अवधि 1, 2, 3 और 5 साल होती है। फिलहाल इस पर अलग-अलग परिपक्वता के मुताबिक 8.20 फीसदी से 8.50 फीसदी तक का ब्याज मिल रहा है। पांच साल की परिपक्वता वाले जमा पर खाताधारक को आयकर कानून की धारा 80सी के तहत कर में कटौती का लाभ भी मिलता है। हालांकि, परिपक्वता पर होने वाली आय कर के दायरे में आती है और वह बच्चे के अभिभावक को संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार देना होता है।
चिल्ड्रेन पॉलिसी
डाकघर विभाग ने 2006 में पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (पीएलआई) के तहत सरकारी और अर्धसरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों के बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पॉलिसी पेश की है। इस योजना के तहत पीएलआई पॉलिसी धारक के बच्चों को बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है। इसके तहत एक परिवार में अधिकतम दो बच्चों की चिल्ड्रेन पॉलिसी हो सकती है। 5-20 साल की उम्र के बच्चे इसके अंतर्गत पात्र होते हैं और अधिकतम एश्योर्ड राशि एक लाख रुपये या पॉलिसी धारक का जितना कवर है, इनमें से जो भी कम है, होती है। इस योजना में मुख्य पॉलिसी धारक की उम्र 45 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। डाकघर की चिल्ड्रेन पॉलिसी की अहम बात यह है कि इसमें मुख्य पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर बच्चों को प्रीमियम नहीं देना होता है और पूरी सम एश्योर्ड राशि बोनस के साथ पॉलिसी की अवधि पूरी होने के बाद बच्चों को मिल जाएगी।
चिल्ड्रेन पॉलिसी के अंतर्गत यदि बच्चे या बच्चों की मौत हो जाती है, तो पूरी सम एश्योर्ड राशि बोनस के साथ मुख्य पॉलिसीधारक को भुगतान की जाती है। चिल्ड्रेन पॉलिसी के लिए मुख्य पॉलिसीधारक ही प्रीमियम भुगतान के लिए जिम्मेदार होता है। हालांकि, इस पॉलिसी पर लोन की सुविधा नहीं होती है। इसमें बच्चों का किसी तरह की स्वास्थ्य जांच कराने की जरूरत नहीं होती है।