देश में अगले चार सालों में व्यक्तिगत संपत्ति में दोगुनी वृद्धि होकर 179 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। यह कहना है वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी कर्वी वेल्थ का। कर्वी वेल्थ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और ग्रुप हेड (वित्तीय प्रबंधन) ऋषिकेश परांडेकर ने बताया कि देश के व्यक्तिगत संपत्ति में लगातार इजाफा हो रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2012 में देश की कुल व्यक्तिगत संपत्ति 92,26,090 करोड़ दर्ज की गई, जो कि एक साल पहले 86,49,764 करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुमान है कि अगले चार सालों में व्यक्तिगत संपत्ति लगभग दोगुनी होकर 179 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी।
वहीं, इसके अगले वर्ष तक व्यक्तिगत संपत्ति के 214 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। परांडेकर ने कहा कि प्रत्यक्ष इक्विटी सबसे बड़ी संपत्ति बनी रहेगी। जबकि इंश्योरेंस, फिक्स डिपॉजिट और बांड दूसरे पायदान पर रहेंगे।