आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त रखी थी। 31 अगस्त को कुल 49,29,121 ई-रिटर्न फाइल हुए, जो किसी एक दिन के लिहाज से सबसे बड़ा आंकड़ा है। बीते साल अंतिम दिन लगभग 35 लाख लोगों ने रिटर्न भरा था। अब करदाताओं को अपने रिफंड का इंतजार है। आयकर विभाग रिटर्न के ई-सत्यापन के तत्काल बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं।
दरअसल, इनकम टैक्स रिफंड वह राशि होती है जो करदाता की ओर से कुल कर देयता से अधिक भुगतान की जाती है। अगर करदाता का दावा सही होता है तो आयकर विभाग इसकी जानकारी ईमेल या एसएमएस के जरिये देता है। इसमें बताया जाएगा कि कितनी राशि करदाता के खाते में रिफंड की जाएगी। साथ ही रिफंड का एक सीक्वेंस नंबर भी दिया जाएगा। यह सूचना आयकर कानून की धारा 143(1) के तहत भेजी जाती है। अमूमन ई-सत्यापन के बाद रिफंड मिलने में दो से तीन महीने का वक्त लगता है, लेकिन कई बार यह सिर्फ 15 दिनों में भी क्रेडिट हो जाता है।
इन तरीकों से करें रिफंड की जांच
करदाता अपने आयकर रिफंड की मौजूदा स्थिति जानने के लिए आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल अथवा एनएसडीएल की वेबसाइट पर जा सकते हैं। हालांकि, रिफंड के लिए आपका खाता पैन से जुड़ा होना जरूरी है। आयकर विभाग ने घोषणा की थी कि एक मार्च 2019 से केवल ई-रिफंड ही जारी किया जाएगा। यह केवल उसी बैंक खाते में जमा होगा जो पैन कार्ड से लिंक है और जिसका विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर पूर्व सत्यापन हो चुका है।
स्थिति जांचने का पहला तरीका
- करदाता www.incometaxindiaefiling.gov.in पर पैन और पासवर्ड से अपना अकाउंट लॉगइन करें।
- अब रिव्यू रिटर्न/फॉर्म्स पर क्लिक करें।
- ड्रॉप डाउन मेन्यू से इनकम टैक्स रिटर्न सेलेक्ट करें और असेसमेंट ईयर का चयन करें।
- इसके बाद भरे गए रिटर्न फॉर्म से संबंधित एकनॉलेजमेंट नंबर पर क्लिक करें।
- सामने जो पेज खुलेगा उसमें रिटर्न भरने और ई-सत्यापन की तारीख के साथ आपका रिफंड जारी होने की स्थिति भी दिख जाएगी।
एनसीडीएल पर जानें स्थिति
- आयकर विभाग की ओर से बैंक को रिफंड भेजे जाने के 10 दिन बाद टिन एनसीडीएल की वेबसाइट पर स्थिति जान सकते हैं।
- इसके लिए करदाता https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर जाएं।
- यहां अपने पैन का ब्योरा और असेसमेंट ईयर डालें।
- कैप्चा भरने के बाद सबमिट पर क्लिक करें और आपको स्क्रीन पर अपने रिफंड की स्थिति दिख जाएगी। इसमें भुगतान का प्रकार, रेफरेंस नंबर और तारीख लिखी होगी।